Heart of Asia Summit में बोले विदेश मंत्री जयशंकर, दोहरी शांति से सुधरेंगे अफगानिस्तान के हालात

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री 30 देशों और एक दर्जन क्षेत्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ मंगलवार को दुशांबे में अफगानिस्तान की एक बैठक में भाग लिया। इस मीटिंग के लिए सोमवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ताजिकिस्तान की राजधानी पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों के बीच मंगलवार सुबह तक कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई। लेकिन जयशंकर और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी एक ही बैठक दिखाई देंगे।

साल 2003 के संघर्ष विराम के लिए पिछले महीने के रिश्तों को देखते हुए बैठक से इनकार नहीं किया। युद्ध विराम के पालन के फैसले के बाद यह पहला मौका है जब दोनों विदेश मंत्री एक मैज पर होंगे। रविवार को कुरैशी ने कहा कि ताजिकिस्तान में अब तक कोई भी बैठक उनके भारतीय समकक्ष के साथ नहीं हुई थी। कुछ दिनों पहले जयशंकर ने कहा था कि ताजिकिस्तान में कुरैशी के साथ कोई बैठक नहीं हुई थी। उन्होंने 26 मार्च को नई दिल्ली में भारत आर्थिक सम्मेलन में कहा था कि अब तक  मुझे नहीं लगता कि ऐसी कोई बैठक निर्धारित है।

सोमवार को जयशंकर ने ईरान और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता की। उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से भी मुलाकात की। विदेश मंत्री ने ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ के साथ उनकी वार्ता को गरम बताया। साथ ही कहा कि इस मीटिंग में चाबहार बंदरगाह परियोजना सहित द्विपक्षीय सहयोग पर बात होगी। जयशंकर ने ट्वीट करते हुए कहा कि  हमारी बातचीत को रेखांकित करने वाली एक गर्मजोशी से वार्ता होने जा रही है।चाबहार सहित हमारे द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की है।

खबरों से अपडेट रहने के लिए BADHTI KALAM APP DOWNLOAD LINK: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.badhtikalam.badhtikalam&hl=en&gl=US