Bengal Election 2021: क्या बंगाल चुनाव के नतीजे तय करेंगे सरकार से किसानों की बातचीत….

कृषि कानूनों की वापसी को लेकर लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान संगठनों ने कई तरीके आजमाए लेकिन केंद्र सरकार ने इन कानूनों की वापसी को लकेर दो टूक जवाब दे दिया है। दिल्ली बॉर्डर से किसान आंदोलन अब चुनावी राज्यों तक जा पहुंचा है।

अगर बंगाल में बीजेपी का कमल खिला तो दिल्ली की सीमाओं पर किसानों से किसान संगठनों के धरने को उठाने में केंद्र सरकार मिनट नहीं लगाएगी। इसके बाद किसान संगठनों ने मोदी-ममता के चुनावी मुकाबले में कूदने का फैसला किया है। किसान संगठनों को जब यह भनक लगी कि बीजेपी बंगाल चुनाव को लेकर खासी उत्साहित है। टिकैत ने शनिवार को दो महापंचायत रखी है। पहली कोलकाता और दूसरी नंदीग्राम मं आयोजित होनी है। गौतलब है कि कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों की मांग एमएसपी की गारंटी को कानून बनाने की भी है।

बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर सरकार से अब तक 11 दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकला है। बता दें कि बंगाल विधानसभा की 295 सीटों पर 8 चरणों में चुनाव होने हैं। चुनावों के ऐलान के साथ ही बंगाल में राजनीतिक घमासान मचा है। इस महीने के आखिर में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चुनाव से पहले जीत सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी है।