एथिलीन ग्लाइकोल मिलने से मचा हड़कंप, ट्रिडस रेमेडीज की फैक्ट्री बंद
बिहार के वैशाली जिले से स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कफ सिरप निर्माता कंपनी ट्रिडस रेमेडीज के बनाए बच्चों के सिरप में खतरनाक रसायन एथिलीन ग्लाइकोल पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। पहले तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में प्रतिबंध लगने के बाद अब बिहार में भी कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
फैक्ट्री पर लटका ताला, जांच के बाद बढ़ी सख्ती
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित ट्रिडस रेमेडीज की फैक्ट्री के गेट पर कई दिनों से ताला लटका हुआ है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय औषधि नियंत्रक द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने की सूचना के बाद कंपनी ने उत्पादन बंद कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
केंद्रीय ड्रग इंस्पेक्टर की जांच में सिरप फेल
दरअसल, अक्टूबर महीने में सेंट्रल ड्रग इंस्पेक्टर ने ट्रिडस रेमेडीज द्वारा निर्मित बच्चों के कफ सिरप का सैंपल लिया था। हाल ही में आई जांच रिपोर्ट में अल्मोंट-किड सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी पाई गई। रिपोर्ट सामने आते ही केंद्रीय औषधि नियंत्रक ने इस सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
1.48 प्रतिशत एथिलीन ग्लाइकोल पाया गया
जांच में सामने आया कि कंपनी के एक विशेष बैच AL-24002 में एथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 1.4876 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों के मुताबिक यह मात्रा बच्चों के लिए बेहद घातक है। यह रसायन किडनी फेल्योर, न्यूरोलॉजिकल डैमेज और गंभीर मामलों में मौत तक का कारण बन सकता है।
एलर्जी के इलाज में दिया जाता था यह सिरप
यह कफ सिरप बच्चों में एलर्जी से जुड़े लक्षणों जैसे नाक बहना, छींक आना, खुजली, सूजन, जलन और आंखों से पानी आने की स्थिति में दिया जाता था। ऐसे में सिरप में जहरीले रसायन की मौजूदगी ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इससे पहले तमिलनाडु में बनी एक दवा में एथिलीन ग्लाइकोल पाए जाने से मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत हो चुकी है। इसी वजह से इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है।
बिहार में सीमित सप्लाई, फिर भी अलर्ट जारी
सूत्रों के अनुसार, बिहार में इस दवा की सप्लाई केवल किशनगंज जिले में सीमित मात्रा में हुई थी। हालांकि, केंद्र से निर्देश मिलने के बाद सभी राज्यों को संबंधित बैच की दवाएं तुरंत वापस मंगाने और कार्रवाई करने को कहा गया है। कंपनी द्वारा भी दवा रिकॉल की प्रक्रिया शुरू की गई है।
