UP चुनाव से पहले BJP ने बनाई ये रणनीति, राकेश टिकैत के असर वाले वेस्ट यूपी पर खास फोकस

पिछले 8 महीने से चल रहे किसान आंदोलन को केंद्र सरकार लगातार अनदेखा कर रही है लेकिन उसने किसान आंदोलन के राजनीतिक प्रभाव का आकलन करना भी शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व ने आगामी चुनावों में किसान आंदोलन के प्रभाव को जानने के लिए पार्टी के किसान नेताओं से राय शुमारी की।

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चुनाव प्रचार में किसानों के प्रभाव से निपटने के लिए बीजेपी ने रणनीति तैयार की है। यूपी चुनाव को लेकर बीजेपी किसान आंदोलन को लेकर थोड़ा भी जोखिम नहीं उठाना चाहती है। इस लिहाज से यूपी में किसान आंदोलन के लिए काउंटर नीति बनकर तैयार हो गई है।

बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रामबाबू दिवेदी ने कहा कि 16 से 25 अगस्त तक हम गांवों में किसानों के साथ खाट और चबूतरों पर बैठक करेंगे। यूपी में वोटर्स को लुभाने के लिए बड़ी चौपाल की जगह छोटी-छीटी चौपल लागई जाएंगी। इस दौरान किसानों की समस्याएं सुनकर उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार तक पहुंचाई जाएगी।

इन किसान चौपालों के जरिए बीजेपी किसान आंदोलन के आसर को टटोलने की कोशिश करेगी ताकि इसे बेअसर करने की रणनीति तैयार की जा सकी। युपी चुनाव को लेकर दिग्गजों को कमान सौंपी गई है। किसान आंदोलन का अगर चुनाव पर असर पड़ा तो बीजेपी का रिपोर्ट कार्ड खराब हो सकता है। केंद्रीय मंत्री और पश्चिमी UP के दिग्गज नेता संजीव बालियान, UP के बीजेपी नेता सुरेश राणा, राज्य कृषि मंत्री सूर्य सिंह शाही, राज्य सभा सदस्य विजय पाल सिंह तोमर को यूपी चुनाव में बीजेपी की छवि निखारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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