2021 Assembly Election: बंगाल में CAA चुनावी मुद्दा, लेकिन असम में क्यों बच रही बीजेपी

देश के पांच राज्यों में अगले कुछ दिनों में विधानसभा के चुनाव शुरू होने जा रहे हैं। इन चुनावों से पहले राजनीति दलों के नेता चुनावी यात्रा करने में लगे हुए हैं। ऐसे में नेता बेहिसाब वादे करके मतदातों को लुभाने की कोशिश में लगे हुए हैं। इस बीच बीजेपी के चुनावी मुद्दे नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA पर लोगों की नजरें  बनी हुई हैं।

लेकिन पार्टी इसे बंगाल में जोर-शोर से उठा रही है जबकि असम में इसका जिक्र तक नहीं किया गया है। यही हाल एनआरसी का भी है। गौर करने वाली बात ये है कि बंगाल में बीजेपी सत्ता हासिल करने के तमाम कर रही है। वहीं असम में उसे अपनी राजनीतिक गद्दी बचाना सवाल हो गया है। बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बंगाल में बीजेपी का घोषणा पत्र जारी किया है। वहीं बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को असम में संकल्प पत्र पेश किया है। बंगाल में बीजेपी ने जोर शोर से सीएए लागू करने का मसला उठाया है। वहीं असम में इसका जिक्र तक नहीं किया है। 

बंगाल में बीजेपी के संपल्प पत्र में नागरिकता संशोधन एक्ट का जिक्र किया गया है। अमित शाह ने कहा कि सीएए बंगाल में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट से पास कराया जाएगा। सरकार बनने के बाद घुसपैठियों के लिए बंगाल के दरवाजे बंद हो जाएंगे। असम में जेपी नड्डा ने घुसपेठियों के बाहर करने की बात की लेकिन सीएए का जिक्र नहीं किया है। बता दें कि बीजेपी बंगाल में सरकार बनाने की कोशिश में लगी है। ऐसे में हिंदुत्व के साथ-साथ सीएए एनआरसी जैसे मुद्दे उठा रही है। असम में सरकार बचाने के लिए पार्टी हर प्रयास में लगी है।

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