देश में बनेगी इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी, 18100 करोड़ के PLI इंसेटिंव को मंजूरी

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार कहा कि एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के नेशनल प्रोग्राम को मंजूरी दी गई है। यह फैसला आत्मनिर्भर भारत का ऐक परिदृश्य होने के साथ ही मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। इसके तहत अब से इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी देश में ही बनेगी। जावड़ेकर ने कहा कि बैटरी स्टोरेज बढ़े इसके लिए हम 20 हजार का बैटरी स्टोरेज बाहर से आयात कराते हैं। लेकिन अब PLI के तहत इसका उत्पादन देश में किया जाना है।

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केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इससे आगे चलकर बड़े पैमाने पर ईंधन के आयात को भी कम किया जा सकेगा।  जावड़ेकर ने बताया कि उन्नत रसायन सेल बैटरी भंडारण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम से 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। इस परियोजना से इलेक्ट्रिक व्हिकल योजना को भी फायदा पहुंच सकेगा। जब हम बैटरी स्टोरेज का इस्तेमाल करेंगे तो कोयला बच सकेगा।

देश में बैटरी बनाने वाली कंपनी एक्साइड, अमराराज जैसी कंपनियों को इसका फायदा मिल सकेगा। इसके साथ ही घरेलू स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग से देश में नए रोजगार के अवसर भी बनेंगे। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत 20 हजार करोड़ रुपये बैटरी इंपोर्ट पर खर्च करता है। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा मिल सकेगा। देश में बैटरी बनने से इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स, 4-व्हीलर्स तेजी से बढ़ेंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है तो इससे 2030 तक ऑयल इंपोर्ट बिल में करीब 2.94 लाख करोड़ रुपये की कमी आएगी।

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