Coronavirus Crisis in India: देश में ऑक्सीजन गैस की किल्लत, सांसत में आई लाखों जिंदगियां

देश में कोरोना महामारी का प्रकोप तेजी के साथ फैल रहा है। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। कई राज्यों में ऑक्सीजन की भारी कमी पसरी है। जीवन की रक्षा के लिए ऑक्सीजन गैस कोविड के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण घटक है। ऑक्सीजन कोविद -19 के मरीजों के अस्पताल के बेड तक ले जाया जाता है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों से मुश्किल से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है और फोन बजना बंद नहीं हुआ है। हमेशा कोई व्यक्ति ऑक्सीजन के लिए रोता रहता है। अस्पताल मे ऑक्सीजन की कमी होती जा रही है। जिसकी वजह से लाखों लोगों की जिन्दगी खतरे मे है।

कोविड-19 की दूसरी लहर ने देश के स्वास्थ्य के खातिर एक भारी पर्याप्त चेतावनी के संकेत के साथ आने वाले संकट से निपटने में तैयारियों को उजागर किया है। दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरी केंद्रों में अस्पतालों की तस्वीरें ऑक्सीजन की कमी से जूझते मरीजों की सामने आ रही है। लोग मेडिकल ऑक्सीजन के रूप में बुनियादी रूप से किसी चीज के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घरेलू अलगाव के तहत मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त करने में असमर्थ हैं।

एक सिलेंडर को फिर से भरने या किराए पर लेने की लागत किसी भी नियमन की अनुपस्थिति में आकाश मे रॉकेट भेजने की तरह है। जिस तरह रॉकेट भेजने मे समय लगता है ठीक उसी तरह ऑक्सीजन को भरवाने में भेजने मे समय लगता है। आधिकारिक तौर पर, भारत की दैनिक ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 7,127 मीट्रिक टन है और इसकी चिकित्सा ऑक्सीजन की आवश्यकता 10 दिनों में 76 प्रतिशत तक बढ़ गई केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर ऑक्सीजन की आपूर्ति को तेज करने की दिशा में काम कर रही है लेकिन सवाल है क्या वाकई मरीजों की सांसे उखड़ने से पहले ऑक्सीजन मिल पाएगी।