रिक्टर स्केल पर 2.8 तीव्रता, उत्तरी दिल्ली में था भूकंप का केंद्र
देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार की सुबह अचानक धरती हिलने से लोग दहशत में आ गए। सुबह करीब 8 बजकर 44 मिनट पर हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि झटके बेहद कम तीव्रता के थे। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरी दिल्ली क्षेत्र में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे स्थित था।
किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं
भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इसके बावजूद कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया। कुछ लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाते। फिर भी सतर्क रहना जरूरी माना जाता है।
गुजरात के कच्छ में भी हिली थी धरती
इससे पहले गुजरात के कच्छ जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजकर 22 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 4.1 दर्ज की गई थी। उस भूकंप का केंद्र खावड़ा से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर दिशा में था। कच्छ क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। साल 2001 के विनाशकारी भूकंप की यादें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं।
भूकंप क्यों आते हैं
भूकंप के पीछे का वैज्ञानिक कारण धरती की आंतरिक संरचना से जुड़ा है। दरअसल, धरती के भीतर सात बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें मौजूद हैं। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। यही ऊर्जा जब अचानक बाहर निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन महसूस होता है। इसी प्रक्रिया को भूकंप कहा जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह
भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि हल्के भूकंप चिंता का विषय नहीं होते। हालांकि, लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। आपदा प्रबंधन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। दिल्ली भूकंपीय जोन-4 में आती है। इसलिए यहां समय-समय पर ऐसे हल्के झटके महसूस होना सामान्य माना जाता है।
