Media Should Not Report Judges oral Comments: EC की मद्रास HC से अपील,मीडिया को मौखिक टिप्पणी प्रकाशित करने से रोकें

चुनाव आयोग ने मद्रास हाईकोर्ट से गुजारिश की है कि वह मीडिया को अपनी मौखिक टिप्पणी प्रकाशित करने से रोकें, जो किसी केस की सुनवाई के दौरान जजों द्वारा की जाती है। बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले कोरोना के हालात पर सुनवाई करते हुए महामारी के प्रसार के लिए चुनाव आयोग को दोषी बताया था। यह तक कहा था कि चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। इस पर अखबारों में खबरें प्रकाशित होने पर चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट से ये अपील की है।  

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हाईकोर्ट में दाखिल की गई याचिका में चुनाव आयोग ने कहा कि इस बात का कहीं कोई प्रमाण नहीं है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के विस्तार के लिए चुनाव प्रचार जिम्मेदार है। याचिका में कहा गया कि आयोग को मीडिया में आई उन खबरों को देखकर आघात लगा है। जिनमें चुनाव आयोग को कोविड संक्रमण फैलाने का दोषी कहा गया है।

इन रिपोर्ट्स के कारण संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग की छवि को आघात लगा है। याचिका में कहा गया कि यही संस्था देश में चुनाव कराती है। कोर्ट को यह भी बताया कि उसकी टिप्पणियों के बाद एक चुनाव उपायुक्त पर हत्या का मुकदमा भी कायम हो गया है। यह याचिका तमिलनाडु के मुख्य चुनाव अधिकारी सत्यब्रत साहू ने दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि मीडिया में प्रकाशित ये तमाम खबरें जजों की मौखिक टिप्पणियां भर है। 

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