Galtaji Temple Jaipur: जानिए क्यों प्रसिद्ध हुआ गलताजी मंदिर, Galta तीर्थ से जुड़ा सब कुछ

जयपुर से सटे इलाके में एक प्रागेतिहासिक हिंदू तीर्थ स्थल है। इस तीर्थ को गलताजी के नाम से जाना जाता है। अरावली की पहाड़ियों में कई मंदिर, पवित्र कुंड और प्राकृतिक झरने है। Galtaji Temple का आकर्षित मंदिर पहाड़ी इलाके में स्थित है जो एक खूबसूरत घाट से घिरा हुआ है। यह शानदार मंदिर किसी पारंपरिक मंदिर की तुलना एक भव्य महल की जा सकती है। यह मंदिर बंदरों की कई जनजातियों के लिए पहचाना जाता है। अगर आप गलताजी मंदिर की यात्रा करना चाहते हैं तो इस मंदिर के इतिहाक के बारे में जान लें।

गलताजी का इतिहास

गलताजी मंदिर की शानदार गुलाबी बलुआ पत्थर की संरचना दीवान राव कृपाराम ने बनाई थी। जो सवाई राजा जयसिंह द्वितीय के दरबारी थे। 16वीं शताब्दी की शुरुआत से गलताजी रानामंदी संप्रदाय से संबंधित है। माना जाता है कि संत गालव ने तपस्या करते हुए 100 साल तक इस पवित्र स्थान पर पूरा जीवन बिताया था। उसकी भक्ती से प्रसन्न होकर भगवान उसके सामने प्रकट हुए और पवित्र स्थान को पवित्र जल से आशीर्वाद दिया। बता दें कि इस संत की वंदना करने के लिए गलताजी मंदिर का निर्माण किया गया था।उनके नाम पर ही इस मंदिर का नाम रखा गया।

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गलताजी मंदिर की वास्तुकला

गलताजी मंदिर अरावली पहाड़ियों के बीच पेड़ों की हरियाली से घिरा हुआ है। मंदिर को चित्रित दीवारों, गोल छत और स्तंभों से सजाया गया है. इस पूर्व ऐतिहासिक मंदिर के अंदर भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान हनुमान मंदिर स्थित है। जयपुर के सबसे खास दर्शनीय स्थलों में से एक इस मंदिर के परिसर प्राकृतिक तदाजे पानी के झरने और सात पवित्र कुंड है। इन सभी कुंडों में से गलता कुंड सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है।यह कभी सुखा नहीं रहता है। इस कुंड में गौमुख से शुद्ध पानी अरावली की पहाड़ियों से हमेशा बहता रहता है। बता दें कि गलतजी मंदिर अपने प्राकृतिक पानी के झरनों के लिए सबसे ज्यादा धार्मिक और पूजनीय है।

मंदिर में विजिट करने का बेस्ट समय

फरवरी-मार्च और अक्टूबर-दिसंबर के महीने में गलता तीर्थ की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय है। इसकी वजह है कि उस समय मौसम सुहावना होता है। पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण गर्मियों में यह बहुत गर्म और असुविधाजनक हो सकता है। जनवरी में मकर संक्रांति उत्सव के दौरान  गलताजी मंदिर पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के साथ कुंड के पवित्र जल में डुबकी लगाने के लिए रोमांचित होता है। अगर आप स्नान के लिए मंदिर की टंकी की ओर घूमते बंदरों के आकर्षक दृश्य को देखना चाहते हैं, तो शाम के समय मंदिर में जाना सर्वोत्तम समय है।

गलता तीर्थ के दौरान यहां देखें स्पेशल

राजस्थान के पूर्व शाही जीवन का गलता तीर्थ एक नमूना है। इस मंदिर में अद्भुत वास्तुकला से कारीगरी की गई है। मंदिर के दर्शनीय स्थल गलवार बाग गेट हैं, जो एक सुंदर गुलाबी आकर्षकता से परिपूर्ण है। गलता मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर है। हनुमान मंदिर भी एक यात्रा के लायक है। ब्रह्मा मंदिर, विष्णु मंदिर और गलता का कुंड हर किसी को आकर्षित करने वाला है।

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