बरवाड़ा फोर्ट से निकली गणगौर की शाही सवारी, विदेशी पर्यटक हुए मंत्रमुग्ध

Gangaur procession at Barwara Fort with traditional Rajasthan culture
चौथ का बरवाड़ा में गणगौर की शाही सवारी, विदेशी पर्यटकों ने राजस्थानी संस्कृति का लिया आनंद

राजस्थानी संस्कृति की झलक, बैंड-बाजे और गीतों के बीच भव्य आयोजन

शाही अंदाज में निकली गणगौर की सवारी
Gangaur के अवसर पर चौथ का बरवाड़ा कस्बे में स्थित Six Senses Fort Barwara से शनिवार शाम को भव्य सवारी निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन में पारंपरिक शाही ठाठ-बाट देखने को मिला। बैंड-बाजे और ध्वज-पताकाओं के साथ सवारी ने कस्बे की गलियों में आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किया।

विदेशी पर्यटक हुए संस्कृति से प्रभावित
इस आयोजन में विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी खास आकर्षण रही। वे राजस्थानी संस्कृति, वेशभूषा और परंपराओं को देखकर रोमांचित नजर आए। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे तस्वीरें लेते और स्थानीय परंपराओं को करीब से समझते दिखे। इससे यह साफ हुआ कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत वैश्विक स्तर पर भी लोगों को आकर्षित कर रही है।

महिलाओं ने की सामूहिक पूजा-अर्चना
सवारी शुरू होने से पहले महिलाओं ने सामूहिक रूप से गणगौर की पूजा-अर्चना की। इस दौरान सरपंच सीता सैनी सहित पंचायत के सदस्य भी मौजूद रहे। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर माहौल को और अधिक धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

सवारी का पारंपरिक मार्ग और आयोजन
गणगौर की सवारी गढ़ मोहल्ला से होते हुए हवाई गली और जामा मस्जिद के सामने से गुजरी। इसके बाद सवारी को चौथ माता सरोवर स्थित तालाब की पाल पर स्थापित किया गया। यहां महिलाओं ने मांगलिक गीत गाए और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही छोटे मेले का भी आयोजन हुआ, जहां बच्चों और परिवारों ने जमकर आनंद लिया।

परंपरा और उल्लास का संगम
पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद सवारी पुनः गढ़ क्षेत्र में पहुंची, जहां विधि-विधान से समापन किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि राजस्थानी संस्कृति और परंपरा के जीवंत प्रदर्शन के रूप में भी सामने आया।

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