अलार्म बजते ही फिर सो जाते हैं? सुबह जल्दी उठने के आसान और असरदार तरीके

How to wake up early morning active
सुबह जल्दी उठने से दिन की शुरुआत होती है ज्यादा एनर्जेटिक

इन स्मार्ट मॉर्निंग ट्रिक्स से बनेगा जल्दी उठने का रूटीन, दिन रहेगा एनर्जेटिक

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में सुबह जल्दी उठना किसी चैलेंज से कम नहीं है। अलार्म बजता है। आंख खुलती है। फिर तुरंत बंद हो जाती है। इसके बाद स्नूज का बटन दब जाता है। नतीजा, सुबह देर से शुरू होती है। धीरे-धीरे पूरा दिन सुस्त और थकान भरा महसूस होता है। अगर आप भी रोज सोचते हैं कि कल से जल्दी उठेंगे, लेकिन हर दिन वही कहानी दोहरती है, तो अब समय है बदलाव का। सबसे पहले, यह समझना जरूरी है कि सुबह जल्दी उठना कोई जादू नहीं है। बल्कि, यह एक आदत है। और आदतें धीरे-धीरे बनती हैं। सही तरीकों को अपनाकर आप भी सुबह एक्टिव और फ्रेश महसूस कर सकते हैं।

सोने और उठने का समय तय करें

सबसे जरूरी बात है एक फिक्स रूटीन। रोज एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। शुरुआत में नींद पूरी न भी लगे, तो भी समय न बदलें। कुछ ही दिनों में शरीर खुद उस समय जागने लगेगा। इसके साथ ही, अलार्म बजते ही भारीपन कम महसूस होगा।

अलार्म को बिस्तर से दूर रखें

अक्सर लोग सिरहाने अलार्म रखकर स्नूज दबा देते हैं। इसलिए, अलार्म को बिस्तर से थोड़ा दूर रखें। जैसे टेबल या अलमारी पर। इससे अलार्म बंद करने के लिए उठना पड़ेगा। उठते ही शरीर एक्टिव मोड में आने लगेगा।

सुबह मोबाइल से दूरी बनाएं

अलार्म बंद करने के बाद तुरंत मोबाइल उठाना सबसे बड़ी गलती है। नोटिफिकेशन और मैसेज दिमाग को फिर से नींद की ओर ले जाते हैं। इसलिए, कम से कम पहले 15 मिनट मोबाइल न देखें। इससे दिमाग फ्रेश रहेगा।

सुबह का पहला काम पहले से तय रखें

रात को सोने से पहले तय कर लें कि सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना है। जैसे हल्की स्ट्रेचिंग, पानी पीना या वॉक। जब दिमाग को पहले से पता होता है कि अगला काम क्या है, तो आलस कम होता है।

खुद को मोटिवेट करें

सुबह जल्दी उठने के फायदे खुद को याद दिलाएं। जैसे शांत माहौल, एक्सरसाइज का समय और दिन की बेहतर शुरुआत। धीरे-धीरे यह आदत आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाएगी।

Read More :- सिंगूर से पीएम मोदी का बड़ा दावा, बंगाल बदलाव की दहलीज पर खड़ा