आईआईएम सम्बलपुर का सीईओ इमर्शन प्रोग्राम, भविष्य के कार्य पर मंथन

पांच दिवसीय कार्यक्रम में नेतृत्व, कौशल, संस्कृति और स्थिरता पर हुई विस्तृत चर्चा

सम्बलपुर। भारत के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों में शामिल आईआईएम सम्बलपुर ने कार्यकारी एमबीए (2025–27) और दिल्ली केंद्र के एमबीए फॉर वर्किंग प्रोफेशनल्स (2024–26) बैच के विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय सीईओ इमर्शन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय “भविष्य और कार्य की प्रकृति: कौशल, संस्कृति और स्थिरता” रहा, जो बदलते कार्यस्थल की आवश्यकताओं को दर्शाता है।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों, भविष्य की कार्य प्रवृत्तियों और नेतृत्व के आधुनिक कौशलों से परिचित कराना था। उद्घाटन अवसर पर आईआईएम सम्बलपुर के निदेशक प्रो. महादेव जयस्वाल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि भविष्य का कार्यस्थल तीन प्रमुख व्यवधानों—डिजिटलाइजेशन, डिकार्बोनाइजेशन और व्यवसाय के लोकतंत्रीकरण—से आकार लेगा। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तेजी से भारत की ओर बढ़ रहे हैं और वर्तमान में 53 प्रतिशत जीसीसी भारत में स्थित हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनएएलको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने नेतृत्व पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भविष्य को पहले देख पाने की क्षमता सबसे अहम नेतृत्व कौशल है। वहीं, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशक (कर्मचारी) केशव राव ने आईआईएम सम्बलपुर की सामाजिक और क्षेत्रीय विकास में भूमिका को रेखांकित किया।

मुख्य भाषण पेयू पेमेंट्स के सीटीओ नरेंद्र बाबू ने दिया, जबकि अमेज़न इंडिया से बिस्वजीत महापात्र सहित कई उद्योग विशेषज्ञों ने सत्रों में भाग लिया। टेस्ला इंडिया, डेलॉइट डिजिटल, टाटा बिज़नेस एक्सीलेंस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संगठनों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया।