Jhalana leopard रिजर्व की सफारी कर परिवार सहित उठाएं लुत्फ, जानें लेपर्ड के बारे में सबकुछ

जयपुर शहर में मालवीय नगर जैसे विकसित इलाके के पास झालाना लेपर्ड रिजर्व शायद देश का सबसे छोटा संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र है।इस वन का कुल क्षेत्रफळ महज 24 वर्ग किलोमीटर है। करीब 38 तेदुओं की आबादी वाला यह वन क्षेत्र विश्व पटल पर अपनी पहचान कायम कर रहा है।

झालाना लेपर्ड रिज़र्व का क्या है इतिहास?

जयपुर शहर के झालाना वन क्षेत्र में स्थिति इस वन को 1860 तक जयपुर राजपरिवरा की ओर से निजी संपत्ति के तौर पर उपयोग किया जाता था। उस समय झालाना के जंगलों में वन्यजीवों की संख्या बहुत अधिक थी। इसके चलते राजपरिवार के सदस्य यहां शिकार के लिए आया करते थे। उस समय झालाना क जंगलों में वन्य जीवों की संख्या काफी अधिक थी। राजपरिवार के अलावा आसपास के गांव के लोग अपने जीवनयापन के लिए लकड़ी, चारा और अपनी जरुरूत का सामान लेने के लिए आया करते थे। 1862 में पहली बार इस जंगल में व्यवस्थित प्रबंधन स्थापित करने के लिए अंग्रेजों ने डॉ ब्रेंडिस को इस जंगल का आईजी बनाकर यहां भेजा था।

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तीन भागों में बंटा लैपर्ड रिजर्व

झालाना लेपर्ड रिज़र्व तेंदुओं का प्राकृतिक आवास स्थल बना हुआ है। झालाना के जंगल में सबसे अधिक पाया जाने वाला वन्यजीव तेंदुआ है। तेंदुआ की अधिक संख्या और अन्य वन्यजीवों की वजह से झालाना लेपर्ड रिजर्व ने कम समय के भीतर लोकप्रियता हासिल की है। झालाना में लेपर्ड देखने के लिए पर्यटक यहां आते रहते हैं। झालाना लेपर्ड रिजर्व को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें शिकार की होदी वाले जोन में तेंदुआ दिखाई देते हैं। तेंदुए के अलावा इस लेपर्ड रिजर्व में चीतल, डेजर्ट फॉक्स,धारीदार लकड़बग्गा और गोल्डन जेकाल सहित अन्य वन्य जीव झालाना लेपर्ड रिजर्व की शान बने हुए हैं।

पक्षियों की प्रजातियां भी इस रिज़र्व में पाई जाती है। जैसे डस्की ईगल, उल्लू, चित्तीदार उल्लू आदि। झालाना लेपर्ड में सफारी करने के लिए  भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 386 रुपये जिप्सी के साथ प्रति व्यक्ति लिया जाता है।विद्यार्थियों के लिए प्रवेश शुल्क में छूट दी गई है। छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश शुल्क 356 रुपये (जिप्सी के साथ) हर एक से वसूला जाता है। विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 600 रुपये (जिप्सी सहित) निर्धिरित है। शिकारी की होदी तक जाने के लिए अतिरिक्त शुल्क लेते हैं। झालाना लेपर्ड सफारी में हाफडे सफारी और फुल डे सफारी की सुविधा भी है। झालाना में सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग के बजाय झालाना लेपर्ड रिज़र्व के टिकट विंडो से बुकिंग करना ज्यादा उचित रहता है।

 दुनिया का पहला लेपर्ड रिजर्व

राजस्थान की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार में वसुंधरा राजे ने अपने बजट में प्रोजेक्ट लेपर्ड की घोषणा की थी। वन विभाग से अधिकारियों के अनुसार, यह दुनिया का पहला लेपर्ड रिजर्व होगा। झालाना वन क्षेत्र जयपुर के पूर्वी हिस्से में है। यह वन क्षेत्र शहर के नजदीक होने से यहां के लेपर्ड कई बार रिहायशी ईलाकों में आ जाते है। भूख और प्यास से जंगल को छोड़कर लेपर्ड आसपास की कॉलेनियों में घुस जाते हैं।