खूंटी से रांची तक असर, बसें घटीं, स्कूल बंद; सोमा मुंडा हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को 16 आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद का आह्वान किया। यह बंद खूंटी जिले में हुई हत्या के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुलाया गया था। बीते 7 जनवरी की शाम जमुआदाग के पास अज्ञात अपराधियों ने एदेल संगा पड़हा के राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह अपनी पत्नी के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे।
हालांकि बंद का शुरुआती असर सीमित रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला। खूंटी के अलावा रांची, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में बंद का असर साफ नजर आया। कई रूटों पर बसों की संख्या कम रही, जबकि रेलवे सेवाएं सामान्य रहीं, लेकिन यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी हुई।
खूंटी को बंद का केंद्र मानते हुए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। जिला मुख्यालय और प्रखंड क्षेत्रों में 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई। वहीं जामताड़ा जिले में गोविंदपुर-साहिबगंज नेशनल हाईवे को जाम कर दिया गया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।
गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में दोपहर के बाद प्रदर्शन तेज हुआ। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़कों को जाम किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रांची शहर में एहतियातन कई प्रमुख स्कूलों को बंद रखा गया। आदिवासी संगठनों का कहना है कि जब तक मुख्य साजिशकर्ता और भू-माफिया की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
