करूर भगदड़ केस: एक्टर विजय से 8 दिन में दूसरी बार CBI पूछताछ, 6 घंटे सवाल-जवाब, 9 सुरक्षाकर्मी भी जांच में

CBI questioning actor Vijay in Karur stampede case
करूर भगदड़ मामले में CBI मुख्यालय पहुंचे अभिनेता और TVK प्रमुख विजय।

CBI ने विजय से दूसरी बार की लंबी पूछताछ

करूर भगदड़ मामले में तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के प्रमुख और मशहूर अभिनेता विजय थलापति से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आठ दिन में दूसरी बार पूछताछ की। विजय सोमवार सुबह करीब 10:29 बजे नई दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचे और शाम लगभग 5 बजे बाहर निकले। इस दौरान जांच अधिकारियों ने उनसे करीब साढ़े छह घंटे तक लगातार सवाल-जवाब किए।

पहले भी हो चुकी है 6 घंटे की पूछताछ

इससे पहले 12 जनवरी को भी CBI ने विजय से करीब छह घंटे पूछताछ की थी। तब विजय सुबह 11:29 बजे CBI हेडक्वार्टर पहुंचे थे और शाम करीब 6:15 बजे बाहर आए थे। CBI अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ का मकसद रैली के आयोजन, सुरक्षा इंतजाम और भगदड़ के हालातों को समझना है।

क्या है करूर भगदड़ मामला

दरअसल, 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में TVK की एक चुनावी रैली के दौरान भारी भीड़ जुट गई थी। कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह घटना राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई थी।

9 सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में

CBI इस मामले में उस दिन ड्यूटी पर तैनात 9 सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

CBI समन और चार्जशीट की तैयारी

CBI ने 6 जनवरी को विजय को समन भेजकर 12 जनवरी को पेश होने को कहा था। एजेंसी पहले ही TVK के कई पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद CBI चार्जशीट दाखिल करने पर विचार कर सकती है।

फैंस का समर्थन, जिम्मेदारी से इनकार

CBI दफ्तर के बाहर विजय के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। फैंस का कहना है कि हादसे से विजय को भी गहरा दुख है, लेकिन इसके लिए केवल उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। प्रशंसकों का आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी।

भीड़ तय संख्या से कई गुना ज्यादा थी

जानकारी के मुताबिक, विजय की रैली के लिए 10 हजार लोगों की अनुमति दी गई थी। प्रशासन ने करीब 50 हजार लोगों के जुटने का अनुमान लगाया था, लेकिन मौके पर लगभग 1 लाख 20 हजार लोग पहुंच गए थे। एक बच्ची के गुम होने की घोषणा के बाद हालात और बिगड़ गए, जिससे भगदड़ मच गई।

Read More :- चुनावों पर BJP ने खर्च किए ₹3300 करोड़, कांग्रेस भी ₹890 करोड़ उड़ा गई, TMC और क्षेत्रीय दलों को बड़ा झटका