Amer Fort News: जानिए आमेर के किले का वो रहस्य, जो आपके लिए जानना जरूरी है

आमेर के किले को अंबर पैलेस या अंबर किले के नाम से भी जाना जाता है। यह किला जयपुर स्थित आमेर की पहाड़ी पर है। गुलाबी नगरी से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आमेर किला पर्यटकों के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैय़। माना जाता है कि इस किले को राजा मानसिंह ने बनवाया था। इस किले को हिंदू-मुस्लिम वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। किले में पहुत से दर्शनीय दरवाजे और छोटे-छोटे तालाब बने हुए है। तालाब किले के अंदर पानी का मुख्य स्रोत रहा है। कहा जाता है कि यह प्राचीन काल में अंबवाती और अंबिकपुर के नाम से जाना जाता था। बलुआ पत्थर और संगमरमर से निर्मित यह किला पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाता है।

माना जाता है कि आमेर के किले का निर्माण दो शताब्दियों में किया गया था। साथ ही यह महल लंबे समय तक राजपूत राजाओं के मुख्य निवास स्थान के रूप में रहा है। राजस्थान के मुख्य आकर्षणों में ऐतिहासिक आमेर अपनी गौरवशाली कथाओं और नक्काशी कलात्मक शैली शीश महल के लिए प्रसिद्ध है। शीश महल और नक्काशी कलात्मक शैली के लिए प्रसिद्ध आमेर किला उच्च कोटि की शिल्प कला का उत्कृष्ट नमूना माना गया है। इस किले के अंदर अबने महल अपने आप में बेहतरीन कारीगरी को समेटे हुए है।

किले में दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, जय मंदिर, शीश महल और सुख निवास भी बना हुआ है। यहां हमेशा हरियाली से घिरी पहाड़ियों से ठंढी हवाएं चलती रहती है। वहीं किले के प्रवेश द्वार पर गणेश गेट पर चैतन्य पंथ की देवी शीला माता का मंदिर है जो राजा मानसिंह को दिया गया था। माना जाता है कि जब उन्होंने 1604 ई में बंगाल जैसोर के राजा को हराया था।  महल और जयगढ़ किले एक गुप्त मार्ग से जुड़े हुए हैं। ऐतिहासिक किले को देखने के लिए सैंकड़ो पर्यटकों का यहां जमावड़ा लगा रहता है। नवरात्र में शीलादेवी के मंदिर में मेले भी लगता है।

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