सुरक्षित प्रसव, जटिलताओं की पहचान और संक्रमण नियंत्रण पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
सवाई माधोपुर। जिले में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से लेबर रूम में कार्यरत नव नियुक्त नर्सिंग स्टाफ के लिए दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना, प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं की समय पर पहचान करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि इस प्रकार के दक्षता प्रशिक्षण से लेबर रूम स्टाफ की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा। नर्सिंग स्टाफ की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और संस्थागत प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्टाफ के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
प्रशिक्षण सत्र यूएनएफपीए (UNFPA) के विशेषज्ञ सुशील गोयल एवं आदित्य तोमर द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ को साक्ष्य-आधारित प्रसव देखभाल, सामान्य एवं जटिल प्रसव प्रबंधन, प्रसव के दौरान संक्रमण नियंत्रण, नवजात शिशु का पुनर्जीवन, पोस्टपार्टम हैमरेज प्रबंधन तथा रेफरल प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके साथ ही लेबर रूम में मानक उपचार दिशानिर्देशों का पालन कर सुरक्षित एवं सम्मानजनक मातृत्व देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण को प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए डेमोंस्ट्रेशन, केस स्टडी और इंटरएक्टिव चर्चाओं का भी आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की बेहतर समझ मिल सके।
