होली पर्व पर हुआ शक्ति और परंपरा का संगम
गंगापुर सिटी (अनिल कुमार)। गंगापुर सिटी क्षेत्र के महूकला गांव में होली के पावन पर्व के अवसर पर पारंपरिक नाल दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में आसपास के जिलों और राज्यों से आए पहलवानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ग्रामीण संस्कृति, शक्ति प्रदर्शन और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद नारियल भेंट कर दंगल का शुभारंभ किया गया। परंपरा के अनुसार सबसे पहले बच्चों और बुजुर्गों की कुश्तियां कराई गईं। इससे पूरे आयोजन का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। विजेताओं को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
68 से 102 किलो तक की नाल उठाकर दिखाई ताकत
इसके बाद मुख्य नाल दंगल प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें पहलवानों ने अपनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में 68 किलो से लेकर 102 किलो तक की भारी नाल उठाने की चुनौती दी गई। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने तालियों और जयकारों से पहलवानों का हौसला बढ़ाया। पूरे मैदान में “हीरामन बाबा” के जयकारे गूंजते रहे।
हेमराज पहलवान बने दंगल केसरी
मुख्य मुकाबले में चुली गांव के हेमराज पहलवान ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 102 किलो की भारी नाल उठाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया और दंगल केसरी का खिताब अपने नाम किया। वहीं, 98 किलो की नाल उठाकर महूकला के वीरू पहलवान ने दूसरा स्थान हासिल किया। जबकि बाढ़ के अभिमन्यु पहलवान तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को आयोजन समिति द्वारा नगद पुरस्कार, माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया।
हजारों लोगों की मौजूदगी में संपन्न हुआ आयोजन
दंगल में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। गांव के पांच पटेलों ने सभी पहलवानों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। समापन से पहले परंपरा के अनुसार हीरामन बाबा को गुड़ का भोग लगाया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरित किया गया। इसी के साथ पारंपरिक नाल दंगल का विधिवत समापन हुआ।
