Myanmar Violence: म्यांमार शर्णार्थियों पर क्या है मणिपुर सरकार का आदेश, जिसे तीन दिन में लेना पड़ा वापसी

मणिपुर सरकार अपने आदेश को तीन दिन में वापस लेने को मजबूर हो गई। पड़ोसी देश म्यांमार से भाग कर आ रहे शरणार्थियों को भोजन एवं आश्रय उपलब्ध कराने के लिए शिविर ना लगाने के आदेश को विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने वापसी ले लिया। Myanmar Violence म्यांमार से आ रहे शर्णार्थियों के प्रवेश को रोकने की कोशिशों के खिलाफ जन आक्रोश के बाद सोमवार को एक लेटर जारी किया गया। इसमें लिखा था कि पत्र की बातों को गलत तरीके से समझा गया।

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मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे शर्णार्थियोंको पनाह देने का अनुरोध किया था। साथ ही कहा कि म्यांमार में बड़े पैमाने पर मानवीय तबाही हो रही है और सेना निर्दोष नागरिकों की हत्या करने में लगी है। म्यांमार में तख्तापलट के बाद से मिजोरम में 1000 से ज्यादा नागरिक शरण ले चुके हैं। पिछले दिनों म्यांमार में सेना ने तख्ता पलट कर दिया था। इसके बाद से केंद्र ने म्यांमार के साथ सीमा को सील करने का आदेश दिया।

असम राइफल्स सूत्रों का कहना है कि सिर्फ तीन बटालियनों के साथ सीमा पर रहना असंभव है। चूंकियह 1 फरवरी से शुरू होने वाली अपनी सतर्कता को मजबूत करता है। एक अधिकारी ने कहा कि हमने पारंपरिक रूप से तस्करों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 58 क्रॉसिंग पॉइंट की पहचान की है। मिजोरम सरकार ने कहा कि म्यांमार के नागरिकों की पहचान करने और उन्हें पदच्युत करने के केंद्र के फैसले का विरोध किया है।

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