कॉफी शॉप से फ्लैगशिप किलर तक: OnePlus का सफर और गिरावट की कहानी

OnePlus smartphone brand downfall concept image
फ्लैगशिप किलर कहलाने वाला OnePlus आज गिरावट के दौर से गुजर रहा है

iPhone को टक्कर देने वाला OnePlus क्या अब बंद होने की कगार पर है? गिरती शिपमेंट और बंद होते ऑफिस ने बढ़ाई चिंता

कॉफी शॉप में जन्मा बड़ा सपना

OnePlus की कहानी किसी स्टार्टअप फिल्म जैसी लगती है। साल 2013 में चीन में एक छोटी सी कॉफी शॉप में बैठकर Pete Lau और Carl Pei ने एक आइडिया पर चर्चा की। उनका सपना था ऐसा स्मार्टफोन बनाना जो प्रीमियम हो, लेकिन कीमत में किफायती हो। इसी सोच से OnePlus की नींव रखी गई। धीरे-धीरे यह ब्रांड “फ्लैगशिप किलर” कहलाने लगा और Apple व Samsung जैसे दिग्गजों को सीधी चुनौती देने लगा।

Never Settle से ग्लोबल पहचान

OnePlus ने “Never Settle” के नारे के साथ मार्केट में एंट्री की। शुरुआत में कंपनी ने Invite System अपनाया, जिससे फोन सीमित संख्या में बेचे गए। इससे एक्सक्लूसिविटी बनी और यूजर्स में क्रेज बढ़ा। 2014 में लॉन्च हुए पहले OnePlus फोन ने रिकॉर्ड तोड़ बिक्री की। खासकर भारत में ब्रांड को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कम कीमत में फ्लैगशिप फीचर्स ने OnePlus को यूथ का फेवरेट बना दिया।

अब क्यों कमजोर पड़ रहा है OnePlus

समय के साथ हालात बदलते गए। ताजा रिपोर्ट्स बताती हैं कि साल 2024 में OnePlus की शिपमेंट में 20% से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं पेरेंट कंपनी OPPO की पकड़ मजबूत होती चली गई। धीरे-धीरे OnePlus को OPPO में मर्ज किए जाने की खबरें सामने आने लगीं। इससे ब्रांड की स्वतंत्र पहचान कमजोर होती गई।

बंद होते ऑफिस और सिमटती टीमें

OnePlus के लिए चिंता की बात यह भी है कि अमेरिका के डलास स्थित हेडक्वार्टर को चुपचाप बंद कर दिया गया। साथ ही फ्रांस, जर्मनी और यूके में टीमें लगभग खत्म हो चुकी हैं। भारत, जो कभी OnePlus का सबसे बड़ा बाजार था, वहां भी हालात अच्छे नहीं हैं। रिटेल विवादों के चलते प्रीमियम सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 21% से गिरकर 6% रह गई है।

कैंसिल हुए बड़े प्रोजेक्ट

फैंस के लिए सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब खबर आई कि OnePlus Open 2 और OnePlus 15s जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स कैंसिल कर दिए गए हैं। अब कंपनी के बड़े फैसले सीधे चीन से लिए जा रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि ब्रांड की रणनीति पूरी तरह बदल चुकी है।

14 बिलियन डॉलर की मदद भी बेअसर

साल 2022 में OPPO ने OnePlus को बचाने के लिए करीब 14 बिलियन डॉलर का निवेश किया था। सर्विस नेटवर्क और रिटेल सपोर्ट भी दिया गया। इसके बावजूद OnePlus खुद को पहले जैसी स्थिति में नहीं ला सका। लगातार गिरता मार्केट शेयर ब्रांड के भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है।

OnePlus यूजर्स को चिंता करनी चाहिए?

अगर आप OnePlus फोन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने साफ किया है कि वारंटी, सर्विस और सॉफ्टवेयर अपडेट्स जारी रहेंगे। OPPO का सपोर्ट सिस्टम इसके पीछे मौजूद है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो OnePlus भी Nokia, BlackBerry और LG की राह पर जा सकता है।

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