Gulabi Nagari know: पिंकसिटी कैसे पड़ा जयपुर शहर का नाम, जानें पूरी कहानी

राजस्थान के इतिहास पर नजर डालें तो राजधानी जयपुर का नाम महाराज जयसिंह के नाम पर रखा गया है। 1727 में इसे अपने राज्य की राजधानी को अम्बर से जयपुर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। महाराज चाहते थे कि उनकी राजधानी वैज्ञानिक, संस्कृति और स्थापत्य रूप से सटीक हो। इसके लिए उन्होंने बंगाली ब्राह्मण विद्यमान विद्याधार भट्टाचार्य से वास्तु शास्त्र के हिसाब से शहर बनाने में सहायता ली थी।

इसके बाद शहर सबसे उन्नत और किलेबंद लेआउट तैयार किया गया। जयपुर को द पिंक सिटी कहने का सबसे बड़ा कारण यह भी था कि 1856 में प्रिंस ऑफ वेल्स का स्वागत करने और शहर के जादुई आकर्षण के लिए पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंगा गया था। जयपुर भारत का एक योजनाबद्ध शहर है जिसकी वजह से इसे सिटी ऑफ विक्टरी के रूप में भी जाना जाता है। गुलाबी रंग के साथ जयपुर शहरा का खास संबंध है।  यहां के बाजार जयपुर आने वाले पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं। यहां के बाजार कृष्णपोल में वस्त्र से लेकर प्रसिद्ध जौहरी बाजार पारंपरिक गहनों की खरीददारी के लिए स्वर्ग के समान है।

जयपुर शहर दिन में जितना आलीशान और शाही दिखाई देता है उससे ज्यादा रात में एक नए अवतार में दिखाई देता है। पिंकसिटी के बाजार जयपुर आने वाले पर्यटकों को काफी आर्षक करते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी से लेकर घूमर जैसे लोक नृत्यों से काफी उत्साहित करता है। यह शहर जयपुर साहित्य उत्सव का भी आयोजन करता है जो एशिया में सेलिब्रेट किया जाने वाला अपनी तरह का सबसे बड़ा त्योहार है। जयपुर में हवामहल, अलबर्ट हॉल म्यूजियम, जल महल, आमेर महल, जयगढ़ का किले सहित कई पर्यटक स्थल विद्यमान है। रामनिवास बाग जयपुर में घूमने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है।  यह एक ऐसा शाही उद्यान है जिसका निर्माण साल 1868 में राजस्थान की राजधानी जयपुर में महाराजा सवाई राम सिंह ने करवाया था जो 30 एकड़ से अधिक भूमि क्षेत्र में फैला हुआ है।

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