Pratap Bhanu Mehta Resigns: प्रताप भानु मेहता का राजनीतिक दबाव में इस्तीफा, त्यागपत्र में दिए संकेत….

जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक, स्कॉलर और टिप्पणीकार प्रताप भानु मेहता ने राजनीतिक दबाव में आकर अशोका यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया है। मेहता ने सार्वजनिक तौर पर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्हें राजनीतिक सिद्धांत, राजनीति और संवैधानिक कानून, शासन एवं राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर देश के अग्रणी स्कॉलर्स में से एक माना जाता है। उनके इस्तीफे को लेकर इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि उनका यह कदम राजनीतिक दबाव के कारण लिया गया है।

अरविंद गुनसेकर ने ट्विटर पर लिखा, मेहता ने ने जैसे इस्तीफा दिया उससे लगता है कि वह राजनीतिक दबाव में है। मेहता जैसे स्कॉलर की आवाज को दबाकर सरकार केवल विरोध के स्वर को दबाना चाहती है। बता दें कि अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यम ने अशोका यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद से इस्तीफा सौंप दिया है। प्रताप भानु मेहता के इस्तीफे के दो दिन बाद ही सुब्रमण्य का इस्तीफा सौंपा है। अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि अशोका यूनिवर्सिटी में अकादमिक फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुब्रमण्यम ने पिछले साल जुलाई में यूनिवर्सिटी ज्वाइन की थी। वह इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में प्रोफेसर थे।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पिछले साल जुलाई में यूनिवर्सिटी ज्वाइन की थी। वह इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में प्रोफेसर थे। वो न्यू अशोक सेंटर फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी के फाउंडर डायरेक्टर भी रह चुके है। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि दो और फैकल्टी मेंबर यूनिवर्सिटी छोड़ने की राह पर हैं। इधर, गुरुवार छात्रों ने इस मसले के विरोध मं कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया है।