Coronavirus in Rajasthan: प्रदेश की इन सीटों पर उपचुनाव कल, पहली बार ग्लव्स पहनकर करेंगे वोटिंग

राजस्थान की तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव से होने जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों से लगाए गए कर्फ्यू से इन उपचुनावों को बाहर रखा गया है। सराड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद में होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह फिर से दिखाई देने लगी है। सचिन पायलट के समर्थक विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने गुरुवार को एससी-एसटी विधायकों की भागीदारी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी विधायकों को अब दमदार विभागों के मंत्री पद पर बैठाया जाना चाहिए। 

नाम मात्र के प्रतिनिधि बनाने की बजाय इन्हें जनता से जुड़े दमदार विभाग देकर ताकतवर बनाएं। वहीं पायलट के अन्य समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर पायलट ने जो बयान दिए हैं उसका वो समर्थन करते हैं। एक दिन पहले ही सचिन पायलट ने कहा थआ कि सुलह कमेटी की सिफारिशें लागू करने, मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में देरी नहीं करनी चाहिए।

प्रदेश में पहली बार वोटर्स ग्लव्स पहनकर ईवीएम का बटन दबाएंगे। पोलिंग बूथ पर यह ग्लव्स निशुल्क उपलब्ध होंगे। वोटिंग करने से पहले पोलिंग बूथ के बाहर थर्मल स्कैनर के जरिए जांच भी की जाएगी।

कांग्रेस कहां है मजबूत

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और ज्यादा संसाधन है। तीन में से दो सीटें कांग्रेस के पास थी।

जातिगत समीकरणों में आरएलपी प्रत्याशी अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस के लिए फायदेंमंद हो सकती है।

मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियां अटकने से विधायकों में असंतोष।

बीजेपी के लिए क्या है चुनौती

पितलिया प्रकरण के बाद नेताओं और पार्टी की छवि पर असर पड़ा है।

वसुंधरा राजे का प्रचार प्रसार से दूर रहना पार्टी में चल रही गुटबाजी के संकेत है। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों में नाराजगी