Rajasthan CM की ओपन बैठक बेनतीजा, CM गहलोत बोले, कड़ाई जरूरी लेकिन सबकी सहमति से फैसला

प्रदेश में कोरोना से बदतर होते हालातों के मद्देनजर सीएम गहलोत की रविवार शाम 8.30 बजे ओपन बैठक समाप्त हुई। करीब 1 घंटे 53 मिनट तक अधिकारियों, राजनेताओं, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं के साथ वीसी के जरिये कर्फ्यू पर मंथन हुआ। इस बैठक में सभी के सुझाव लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर सामने आए लेकिन विचार विमर्श के बाद सीएम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। लॉकडाउन जारी रहेगा या नहीं इस पर कुछ बोल नहीं पाए। उन्होंने इतना जरूर कहा कि पहले भी हमने सबकी सलाह से फैसले लिए हैं और आगे भी कोई फैसला सबकी सलाह से ही हो सकेगा। कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं। अगर सच्चाई  का सामना नहीं करेंगे तो कोरोना महामारी से लड़ नहीं पाएंगे।

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गहलोत बोले- पिछली बार की तरह ही जनता सहयोग करे। बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकले और सोशल डिस्टेंसिग की पालना करना अनिवार्य समझें। बिना मास्क का जुर्माना बढ़ाना पड़ेगा। जहां पर मास्क को लेकर सख्ती हुई है वहां कोरोना कंट्रोल हुआ है। अगर कोरोना बढ़ा तो केंद्र सरकार भी दवा और ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पाएगी। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने कहा कि 15 दिन तक कर्फ्यू को सख्ती से लाग करें। अन्य हम कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोक नहीं पाएंगे। RUHS के कुलपति डॉ राजाबाबू पंवार और SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल  सुधरी भंडारी समेत कई मेडिकल एक्सपर्ट ने दो से तीन सप्ताह का लॉकडाउन लगाने के सुझाव दिया है।  

सीएम गहलोत बोले कि पिछली बार कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने के लिए जब लॉकडाउन लगाया गया था तो लोगो को काफी तकलीफ हुई थी। मजदूरों को शहरों से गावों की तरफ पलायन करना पड़ा। लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इसके चलते लॉकडाउन का फैसला बहतु सोच समझकर करना होगा। गहलोत ने कहा कि पहले कहते थे कि गांवों में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैला है। महाराष्ट्र, गुजरात से आने वालों के कारण उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा सहित कई जिलों के गांवों में महामारी का संक्रमण फैला है।

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