Ramadan 2021: इस्लाम में क्यों रखे जाते हैं रोजे, जानिए रमजान की कब से हुई शुरुआत

बरकतों के महीने रमजान का बुधवार से आगाज होने जा रहा है। रमजान को देखते हुए बुधवार तड़के सहरी के साथ पहला रोजा शुरू होगा। पूरे महीने के दौरान मुस्लिम लोग सुबह सहरी के साथ ही शाम को इफ्तार करेंगे। इस साल रमजान के महीने की शुरुआत बुधवार से होगी। पहला रोजा 14 अप्रैल को रखा जाएगा।

बुधवार से शुरू हो रहे रमजान

जयपुर के शहर मुफ्ती जाकिर ने बताया कि रमजान में सबसे कम समय का पहला रोजा बुधवार को 14 घंटे 18 मिनट का रहेगा। वही सबसे लंबा रोजा 13 मई को 15 घंटे 5 मिनट का रहेगा। इधर कोरोना के चलते लागू कर्फ्यू में फज्र की नमाज के दौरान छूट देने की भी मांग की है। इससे पहले मुस्लिम बाहुल्य इलाकों रामगंज बाजार, चांदपोल, दिल्ली रोड, शास्त्री नगर के बाजारों में रौनक देखने को मिली। सबसे ज्यादा खजूर शरबत की खरीदारी की गई।

Read More…..

Nahargarh Biological Park: बायोलॉजिकल पार्क बना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र, घूमने जाने से पहले जान लें ये बातें

सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाता है रोजा

रमजान माह में सूरज निकलने से लेकर सूर्यास्त तक कुछ भी खाया पीया नहीं जाता है। रहमतों और बरकतों के महीने में हर मुस्लिम अल्लाह की इबादत करता है। मौलाना खालिद रशीदी फिरंगी महली सहित तमाम मुस्लिम उलेमाओं ने ऐलान किया है कि कि भारत में मंगलवार रात से विशेष नमाज पढ़ी जाएगी, जिसे तराबी कहते हैं। इस्लाम में हर शख्स पर रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखता हैं। रोजे रखने वाले मुसलमान सूर्योदय होने से पहले सहरी करते हैं। सुबह फजर की अजान से पहले कुछ खा सकते हैं। रोजेदार सहरी के बाद सूर्यास्त तक कुछ भी खा और पी नहीं सकते। इस बीच अल्लाह की इबाबत की जाती है। सूर्यास्त होने के बाद इफ्तार करते हैं।

जानिए इस्लाम में रोजा रखने की परंपरा कब से हुई शुरू

मौलाना रजियुल इस्लाम नदवी इस्लामी के अनुसार, इस्लाम धर्म में रोजा रखने की परंपरा दूसरी हिजरी से शुरू हुई। कुरान की दूसरी आयत सूरह अलग बकरा में साफ तौर पर कहा गया है कि रोजा तुम पर फर्ज किया जाता है। मुहम्मद साहब मक्का से हिजरत कर मदीना पहुंचे । इसके एक साल बाद मुस्लिमों को रोजा रखने का हुक्म आया। इसके चलते दूसरी हिजरी में रोजा रखने की परंपरा शुरू हुई। दुनिया के सभी धर्मों में रोजा रखने की परंपरा है। यहुदी,ईसाई और हिंदू धर्म में अपने-अपने तरीके से रोजा (उपवास) रखते हैं।

Read More……

Nahargarh Biological Park: बायोलॉजिकल पार्क बना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र, घूमने जाने से पहले जान लें ये बातें

रमजान में चैरिटी करना जरूरी

रमजान में दान का खास महत्व है। अगर किसी के पास सालभर उसकी जरूरत से अलग साढ़े 52 तोला चांदी या उसके बराबर नकदी है तो उसका 2.5 फिसदी जकात यानी दान जरूरतमंद गरीबों को दिया जाना चाहिए। इस पाक महीने में रोजेदारों को नब्ज पर कंट्रोल करना जरूरी होता है। इस दौरान किसी को तकलीफ नहीं देनी चाहिए। 

खबरों से अपडेट रहने के लिए BADHTI KALAM APP DOWNLOAD LINK: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.badhtikalam.badhtikalam&hl=en&gl=US