REITs का सीक्रेट फॉर्मूला: अब आप भी बन सकते हैं मॉल और IT पार्क्स के मालिक

REITs investment allows ownership in malls and IT parks
REITs के जरिए आम निवेशक भी बन सकता है मॉल और आईटी पार्क का मालिक

रियल एस्टेट निवेश का बदलता चेहरा

शॉपिंग मॉल, आईटी पार्क और बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हमेशा से बड़े बिल्डर्स और अरबपतियों की संपत्ति माने जाते रहे हैं & आम निवेशक इन्हें सिर्फ दूर से देखता था।
हालांकि, अब तस्वीर बदल रही है & रियल एस्टेट में निवेश का एक नया रास्ता खुल चुका है।
इस रास्ते का नाम है REITs, जिसने करोड़ों रुपये लगाए बिना प्राइम कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ में हिस्सेदारी को संभव बना दिया है।

क्या है REITs और कैसे करता है काम

REITs यानी रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट, म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है & निवेशकों से पैसा इकट्ठा करता है।
इसके बाद यह पैसा ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस, टेक पार्क और शॉपिंग मॉल जैसी व्यावसायिक संपत्तियों में लगाया जाता है।
इन प्रॉपर्टीज़ से मिलने वाला किराया निवेशकों को नियमित रूप से वितरित किया जाता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि प्रॉपर्टी की देखभाल, किराएदार ढूंढना या कानूनी झंझट आपकी जिम्मेदारी नहीं होती।

REITs से कमाई के दो बड़े रास्ते

REITs निवेशकों को दोहरी कमाई का अवसर देता है & यही इसका सबसे बड़ा आकर्षण है।
पहला फायदा नियमित आय का है, क्योंकि SEBI के नियमों के अनुसार REITs को अपनी शुद्ध आय का कम से कम 90% हिस्सा निवेशकों में बांटना अनिवार्य होता है।
दूसरा फायदा पूंजीगत लाभ का है & जैसे-जैसे प्रॉपर्टी की वैल्यू और किराया बढ़ता है, बाजार में आपकी यूनिट्स की कीमत भी बढ़ती जाती है।

कम पैसों में बड़ा निवेश संभव

मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों में एक छोटा ऑफिस खरीदने के लिए करोड़ों रुपये चाहिए होते हैं & स्टांप ड्यूटी अलग से लगती है।
इसके उलट REITs में आप सिर्फ ₹300 से ₹500 में एक यूनिट खरीदकर निवेश शुरू कर सकते हैं।
यहां लिक्विडिटी भी ज्यादा होती है & जरूरत पड़ने पर आप यूनिट्स को शेयर बाजार में तुरंत बेच सकते हैं।

किराए की आय क्यों होती है सुरक्षित

REITs की प्रॉपर्टीज़ में गूगल, टीसीएस और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां किराएदार होती हैं & इससे आय की स्थिरता बनी रहती है।
यही वजह है कि इसे कम जोखिम वाला रियल एस्टेट निवेश माना जाता है।

REITs में निवेश कैसे करें

REITs में निवेश की प्रक्रिया बेहद आसान है & इसके लिए केवल डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट चाहिए।
आप Zerodha, Groww या ICICI Direct जैसे ब्रोकिंग ऐप पर जाकर लिस्टेड REITs खरीद सकते हैं।
हालांकि निवेश से पहले ऑक्यूपेंसी रेट, डिविडेंड हिस्ट्री और पोर्टफोलियो क्वालिटी की जांच जरूरी है।

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