4,950 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से कीमत कुछ और बनती है
शादी का मौसम हो और सोने की खरीदारी न हो, ऐसा कम ही होता है। लेकिन बढ़ते गोल्ड रेट के बीच 5 ग्राम की साधारण झुमकी का बिल देखकर कई लोग चौंक जाते हैं। आखिर 14,950 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से कीमत कुछ और बनती है, जबकि बिल में करीब 10,000 रुपये ज्यादा क्यों जुड़ जाते हैं? आइए समझते हैं पूरा हिसाब।
5 ग्राम सोने की बेसिक कीमत
25 फरवरी 2026 को बेंगलुरु सर्राफा बाजार में 22 कैरेट सोने का भाव 14,950 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। अगर आप 5 ग्राम सोना खरीदते हैं, तो सीधी गणना के अनुसार कीमत होगी:
14,950 × 5 = 74,750 रुपये
यह केवल कच्चे सोने की कीमत है। यानी सिर्फ धातु का मूल्य।
मेकिंग चार्ज कैसे बढ़ाता है बिल?
अब आता है असली खेल। ज्वेलर्स सोने को डिजाइन में ढालने के लिए मेकिंग चार्ज लेते हैं। इसे वैल्यू एडिशन भी कहा जाता है। सामान्य डिजाइन पर 8% से 10% तक और भारी कारीगरी पर 15% या उससे ज्यादा भी लग सकता है। अगर हम 10% मेकिंग चार्ज मानें, तो:
74,750 का 10% = 7,475 रुपये
अब कुल राशि हो गई:
74,750 + 7,475 = 82,225 रुपये
यहीं से बिल बढ़ना शुरू होता है।
GST के बाद अंतिम कीमत
सोने के गहनों पर 3% GST लागू होता है। यह टैक्स केवल सोने पर नहीं, बल्कि सोना + मेकिंग चार्ज के कुल पर लगाया जाता है।
82,225 रुपये का 3% ≈ 2,467 रुपये
अब अंतिम बिल होगा:
74,750 (सोना)
- 7,475 (मेकिंग चार्ज)
- 2,467 (GST)
= 84,692 रुपये
यानी करीब 84,700 रुपये।
स्टोन वर्क हो तो और महंगा
अगर झुमकी में लाल-हरे पत्थर, मोती या कुंदन जड़े हों, तो स्टोन चार्ज अलग से जोड़ा जाता है। साथ ही शुद्ध सोने का वजन भी कम माना जाता है। ऐसे में बिल और बढ़ सकता है।
कहां हो सकती है बचत?
गोल्ड रेट और GST फिक्स होते हैं। इनमें मोलभाव संभव नहीं है। लेकिन मेकिंग चार्ज पर बातचीत की जा सकती है। कई बड़े शोरूम शादी या त्योहार के सीजन में मेकिंग चार्ज पर छूट देते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले प्रतिशत जरूर पूछें। निष्कर्ष साफ है। 14,950 रुपये प्रति ग्राम का हिसाब सही है। लेकिन असली गणित मेकिंग चार्ज और GST जोड़ने के बाद समझ आता है।
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