गंगा पार का सफर कब होगा आसान? अगुवानी घाट और ताजपुर-बख्तियारपुर पुल पर सख्त निगरानी

बिहार में गंगा नदी पर बन रहा अगुवानी घाट और ताजपुर-बख्तियारपुर पुल निर्माण कार्य
अगुवानी घाट और ताजपुर-बख्तियारपुर पुल परियोजनाओं पर सरकार ने सख्त निगरानी शुरू की, 18 माह में काम पूरा करने का लक्ष्य।

मेगा पुल परियोजनाओं की नई टाइमलाइन तय, 18 माह में काम पूरा करने का निर्देश

पटना से राज्य ब्यूरो। बिहार की दो बड़ी पुल परियोजनाएं अब सख्त निगरानी में हैं। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और पथ निर्माण विभाग के स्तर पर नियमित समीक्षा हो रही है। हर सप्ताह मशीनों और श्रमिकों की संख्या की रिपोर्ट मांगी जा रही है।मामला अगुवानी घाट पुल और ताजपुर-बख्तियारपुर पुल से जुड़ा है।

प्राथमिकता सूची में शामिल परियोजनाएं

राज्य सरकार ने दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता सूची में रखा है। मुख्य सचिव और विभागीय सचिव स्तर पर भौतिक निरीक्षण हो रहा है। चार और 29 जनवरी को निगम के प्रबंध निदेशक ने अगुवानी घाट पुल का निरीक्षण किया। दो माह पहले मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी साइट पर पहुंचे थे।

अगुवानी घाट पुल की प्रगति

अगुवानी घाट पुल के पहुंच पथ की कुल लंबाई 20.30 किमी है। अब तक 14.54 किमी में भूमि संबंधी कार्य पूरा किया जा चुका है। योजना के अनुसार मई तक पहुंच पथ का निर्माण पूरा करना है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया है कि 18 माह में पुल हर हाल में पूरा हो। यह पुल भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

ताजपुर-बख्तियारपुर पुल की स्थिति

ताजपुर-बख्तियारपुर पुल एक दशक से अधूरा है। यह बिहार का पहला PPP मॉडल पर आधारित ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। फाउंडेशन से जुड़े 46 कार्यों में से 45 पूरे हो चुके हैं। हालांकि, सेगमेंट कास्टिंग की रफ्तार धीमी है। कुल 1043 सेगमेंट में अब तक केवल 197 तैयार हुए हैं। पुल के 65 प्रतिशत कार्य पूरे होने का दावा किया जा रहा है। अब तक 16 किमी पहुंच पथ तैयार हुआ है। जबकि कुल लंबाई 45.75 किमी है। मुख्य पुल की लंबाई 5.51 किमी है।

क्या बदलेगा सफर?

गंगा पार आवागमन लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। इन दोनों पुलों के पूरा होने से यात्रा समय घटेगा। व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। फिलहाल, सरकार की सख्त निगरानी से काम में तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना यह है कि नई टाइमलाइन पर काम पूरा होता है या फिर इंतजार और बढ़ता है।

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