एक दिन में 2 लाख करोड़ का नुकसान, निवेशकों में घबराहट
नई दिल्ली। शेयर बाजार में आज भले ही बड़ी हलचल नहीं दिखी, लेकिन आईटी सेक्टर में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। वजह आर्थिक आंकड़े नहीं, बल्कि अमेरिका से उठी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नई लहर रही। जैसे ही यह संकेत मिला कि एआई अब सिर्फ सपोर्ट टूल नहीं बल्कि पूरे बिजनेस वर्कफ्लो संभालने की क्षमता रखता है, निवेशकों ने आईटी शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। नतीजतन भारतीय आईटी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपये घट गया।
दिग्गज कंपनियों को बड़ा झटका
सबसे ज्यादा नुकसान Tata Consultancy Services को हुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब 70,481 करोड़ रुपये घट गया। इसके बाद Infosys में लगभग 54,011 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। वहीं HCL Technologies का मार्केट कैप करीब 26,811 करोड़ रुपये घटा। मिड-कैप आईटी कंपनियां भी अछूती नहीं रहीं। LTIMindtree, Wipro और Tech Mahindra में भी भारी गिरावट देखी गई।
AI ऑटोमेशन ने बढ़ाई चिंता
इस गिरावट की जड़ अमेरिका की एआई कंपनी Anthropic AI के नए ऑफिस ऑटोमेशन टूल्स रहे। कंपनी ने अपने एंटरप्राइज एआई असिस्टेंट में ऐसा ऑटोमेशन लेयर जोड़ा है, जो पूरे बिजनेस प्रोसेस को खुद संचालित कर सकता है। इसके बाद निवेशकों में यह सवाल उठने लगा कि अगर एआई खुद सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और वर्कफ्लो मैनेजमेंट करने लगेगा, तो पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों की मांग कितनी बचेगी।
ग्लोबल बाजार पर असर
अमेरिका में भी टेक शेयर दबाव में रहे। सॉफ्टवेयर शेयरों का एक बास्केट करीब 6% गिरा। कुछ फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 7% तक लुढ़क गए। ट्रेडर्स के मुताबिक, Anthropic की नई घोषणा के बाद कई ग्लोबल सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई।
एशिया में अपेक्षाकृत स्थिरता
एशियाई टेक सेक्टर पर असर सीमित रहा, क्योंकि यहां हार्डवेयर और चिप बनाने वाली कंपनियां एआई निवेश से फायदा उठा रही हैं। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि अगर एआई आधारित ऑटोमेशन तेजी से अपनाया गया, तो भारतीय आईटी कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
