चार्टर्ड प्लेन क्रैश के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक, सीएम फडणवीस ने सार्वजनिक अवकाश का भी किया ऐलान
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति से बुधवार सुबह बेहद दुखद खबर सामने आई। उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार का एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जब उनका विमान बारामती में लैंडिंग की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान विमान का संतुलन बिगड़ा और वह क्रैश हो गया। इस भीषण हादसे में अजित पवार सहित कुल छह लोगों की मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
कैसे हुआ विमान हादसा
जानकारी के अनुसार, अजित पवार अपने चार्टर्ड विमान से बारामती की ओर जा रहे थे। लैंडिंग के समय तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद विमान अचानक संतुलन खो बैठा और जमीन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार, उनके एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर की मौके पर ही मौत हो गई। राहत और बचाव टीमों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुख जताया। उन्होंने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक और एक दिन के सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार केवल एक राजनीतिक सहयोगी नहीं थे, बल्कि एक करीबी मित्र भी थे। उन्होंने महाराष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनका जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।
एकनाथ शिंदे ने मांगी उच्च स्तरीय जांच
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र ने एक सच्चा जननेता खो दिया है। साथ ही, उन्होंने विमान दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उनका कहना है कि हादसे के कारणों की गहन पड़ताल जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
देशभर से श्रद्धांजलि संदेश
अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज दोपहर बारामती पहुंचकर दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटना एक युग के अंत के रूप में देखी जा रही है।
