’35 करोड़ के विमान का 55 करोड़ का बीमा कैसे?’ अजित पवार के प्लेन क्रैश पर फिर उठे सवाल

Ajit Pawar plane crash investigation discussion in Maharashtra
अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में जांच और बीमा को लेकर उठे सवाल

रोहित पवार ने मांगी स्वतंत्र जांच, बीमा और तकनीकी रिपोर्ट पर जताई शंका

महाराष्ट्र की राजनीति में Ajit Pawar Plane Crash मामला लगातार सुर्खियों में है। दुर्घटना में अजित पवार की मौत के बाद अब जांच पर सवाल उठ रहे हैं। उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने कई गंभीर शंकाएं जताई हैं।

बीमा राशि पर बड़ा सवाल

रोहित पवार ने सबसे बड़ा सवाल विमान के बीमा को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि विमान की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। लेकिन उसका बीमा 55 करोड़ रुपये का कैसे किया गया? इसके अलावा 210 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारी बीमा राशि भी बताई गई है। उन्होंने कहा कि यह तथ्य कई संदेह पैदा करते हैं।

पीएम मोदी और अमित शाह को पत्र

रोहित पवार ने इस मामले में नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। साथ ही पत्र की कॉपी अमित शाह को भी भेजी गई है। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र समिति जरूरी है।

जांच कहां तक पहुंची?

यह हादसा पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे के पास हुआ था। विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हुई थी। तकनीकी जांच Aircraft Accident Investigation Bureau कर रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट 27 फरवरी तक आने की उम्मीद है। रोहित पवार ने Directorate General of Civil Aviation के अपडेट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर सुरक्षित निकला। लेकिन कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर थर्मल डैमेज बताया गया। उन्होंने पूछा कि एक उपकरण सुरक्षित और दूसरा क्षतिग्रस्त कैसे हुआ?

स्वतंत्र समिति की मांग

रोहित पवार ने विशेष ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही नई स्वतंत्र जांच समिति बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसमें सेवानिवृत्त अधिकारी और न्यायाधीश शामिल हों। हालांकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही है। फिलहाल Ajit Pawar Plane Crash मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट कई सवालों के जवाब दे सकती है।

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