जहानाबाद के युवा ने मेहनत और ईमानदारी से बनाई पहचान
कई लोग सोचते हैं कि पढ़ाई के बिना जीवन में सफलता हासिल नहीं की जा सकती। लेकिन बिहार के जहानाबाद के युवा अमित ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत, ईमानदारी और सही दिशा से कुछ भी संभव है। उन्होंने शुरू में मेडिकल क्षेत्र का सपना देखा और डिप्लोमा इन लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी में दाखिला लिया। लेकिन समय के साथ उनका मन वहां नहीं रहा। पिता की सलाह और अपने जुनून को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बिजनेस की ओर रुख किया।
मुंबई से शुरुआत, छोटे निवेश से बड़ा सफर
अमित ने मुंबई में 1 लाख रुपए की छोटी पूंजी से अपना पहला बिजनेस शुरू किया। मेहनत और ईमानदारी से काम करने के कारण 16 वर्षों में उन्होंने दो चाइनीज रेस्टोरेंट खोल लिए। आज उनका सालाना टर्नओवर 30 लाख रुपए तक पहुंच गया है।
जन्मभूमि में भी बनाई पहचान
मुंबई में सफलता पाने के बाद अमित ने अपने गांव चीरी, घोसी प्रखंड, जहानाबाद में भी कदम रखा। यहां उन्होंने एक छोटी दुकान खोली है, जहां लिट्टी-चोखा और चाय परोसे जा रहे हैं। उनकी सोच है कि अपने शहर में व्यवसाय करने से मिट्टी की खुशबू और अपनापन मिलता है। आने वाले समय में अमित चाइनीज आइटम भी अपने लोकल रेस्तरां में शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
परिवार और संघर्ष
अमित का परिवार भी शिक्षा और व्यवसाय में कुशल है। चार भाई-बहन हैं। एक भाई ऑस्ट्रेलिया में इंजीनियर हैं, भाभी भी इंजीनियर हैं, एक बहन डॉक्टर और दूसरी अपना स्कूल चला रही हैं। पिता ही व्यवसाय के सूत्रधार हैं। अमित का मानना है कि सफलता का रास्ता मेहनत, ईमानदारी और सही दिशा में काम करने से बनता है। अमित की कहानी साबित करती है कि पढ़ाई छोड़कर भी जीवन में सफलता पाई जा सकती है। सही सोच और लगन से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।
