वीआईपी संलिप्तता पर बोले – किसी को बचाने की कोशिश नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार ने पहले दिन से सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने वीआईपी संलिप्तता के आरोपों को भी खारिज किया।
एसआईटी गठन से लेकर सजा तक की प्रक्रिया
सीएम ने बताया कि मामले की जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा की महिला अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। इसके बाद कई गिरफ्तारियां हुईं। लगभग 1000 पेज की चार्जशीट तैयार की गई। सभी पक्षकारों से पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि अदालत ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उम्रकैद कोई छोटी सजा होती है? उनके अनुसार, कानून ने अपना काम किया है।
वायरल ऑडियो और भड़काने के आरोप
सीएम धामी ने वायरल ऑडियो क्लिप पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस मुद्दे को हथियार बनाकर अफरातफरी का माहौल बनाने की कोशिश की। सबसे ज्यादा पीड़ा उस परिवार को है जिसने अपनी बेटी खोई है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिनके पास भी सबूत हैं, वे एसआईटी को सौंप सकते हैं। कानूनी प्रक्रिया कानून के अनुसार ही चलेगी।
किसी को बचाने की कोशिश नहीं की जा रही है।
महापंचायत और इस्तीफे की मांग पर जवाब
अंकिता मामले में हुई महापंचायत के दौरान सीएम के इस्तीफे की मांग भी उठी थी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता उनकी नीति और नियत पर भरोसा करती है। जनता जानती है कि सरकार की नीयत साफ है।
अवैध खनन पर भी दिया जवाब
इसके अलावा सीएम ने राज्य में अवैध खनन के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि पहले राज्य को खनन से 400 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था। अब यह बढ़कर 1200 करोड़ रुपये हो गया है। उनके अनुसार, यह पारदर्शिता और सख्ती का परिणाम है आखिर में सीएम ने कहा कि आलोचनाओं को वह आशीर्वाद की तरह लेते हैं। वह लोगों की बात सुनते हैं। और जहां जरूरत होती है, वहां सुधार भी करते हैं।
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