राजस्थान कैडर के IAS अतहर आमिर खान को लेकर बड़ा फैसला

IAS Athar Aamir Khan serving as Deputy Commissioner in Kulgam Jammu and Kashmir
: IAS Athar Aamir Khan’s deputation in Jammu and Kashmir extended till February 2027

2027 तक नहीं लौटेंगे राजस्थान, केंद्र ने बढ़ाई अवधि

Athar Aamir Khan को लेकर बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है राजस्थान कैडर के 2016 बैच के इस अधिकारी का इंटर-कैडर डेपुटेशन एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है।केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब मौजूदा आदेश के अनुसार, वे 15 फरवरी 2027 तक जम्मू-कश्मीर में ही सेवाएं देंगे।
इससे पहले उनका कार्यकाल 15 फरवरी 2026 को समाप्त होने वाला था। नियमों के मुताबिक, उन्हें अपने मूल कैडर राजस्थान लौटना था। हालांकि, प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए विस्तार दे दिया गया।

नीति में शिथिलता, इसलिए खास है फैसला

आमतौर पर इंटर-कैडर डेपुटेशन के नियम सख्त होते हैं। निर्धारित समय पूरा होने के बाद अधिकारी को मूल कैडर में लौटना होता है।nलेकिन इस मामले में ‘Relaxation of Policy’ लागू की गई है। इसका मतलब है कि मौजूदा नीति में विशेष ढील दी गई। जम्मू-कश्मीर सरकार की सिफारिश को अहम माना गया साथ ही, वहां चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई।

कुलगाम में डीसी के रूप में सक्रिय भूमिका

Kulgam में वे वर्तमान में डिप्टी कमिश्नर (DC) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे Srinagar Municipal Corporation के कमिश्नर रह चुके हैं। साथ ही, Srinagar Smart City Limited के सीईओ के रूप में भी उन्होंने काम किया। श्रीनगर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को तेज गति देने में उनकी भूमिका अहम रही। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास में कई बदलाव देखे गए। इसी कारण उनकी कार्यशैली की सराहना हुई।

राजस्थान से गहरा जुड़ाव

अतहर आमिर खान यूपीएससी 2016 बैच में ऑल इंडिया रैंक 2 रहे थे। उनका मूल कैडर राजस्थान है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यहीं से की थी। वे भीलवाड़ा के बदनोर में एसडीएम रहे। इसके अलावा, जयपुर जिला परिषद के सीईओ के पद पर भी कार्य किया। साल 2021 में वे तीन साल के लिए जम्मू-कश्मीर प्रतिनियुक्ति पर गए थे। बाद में समय-समय पर उनका कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा।

राजस्थान में वापसी का इंतजार

राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में चर्चा थी कि फरवरी 2026 में वे लौटेंगे। राज्य को एक युवा और विजनरी अफसर मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब यह इंतजार और बढ़ गया है।\ कम से कम एक साल तक उनकी वापसी संभव नहीं होगी। इस फैसले से साफ है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। आगे भी उनके प्रशासनिक अनुभव का उपयोग वहीं किया जाएगा।

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