अविमुक्तेश्वरानंद केस में नया मोड़, आरोप लगाने वाले ने बदली कहानी

वाराणसी के श्री विद्या मठ में अविमुक्तेश्वरानंद केस पर बयान देते रमाशंकर दीक्षित
श्री विद्या मठ आश्रम में रमाशंकर दीक्षित ने मीडिया के सामने बयान दिया

रमाशंकर दीक्षित ने आश्रम पहुंचकर कहा – झूठा आरोप लगाने के लिए मिला था लालच

वाराणसी में ज्योतिष्पीठाधीश्वर Swami Avimukteshwaranand Saraswati से जुड़े मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। उन पर आरोप लगाने वाले रमाशंकर दीक्षित अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने शंकराचार्य से मुलाकात की। साथ ही, पत्रकारों के सामने अपनी आपबीती सुनाई।

‘मुझे झूठा आरोप लगाने को कहा गया’

शाहजहांपुर निवासी रमाशंकर दीक्षित ने दावा किया कि हिस्ट्रीशीटर Ashutosh Pandey ने अपने सहयोगी के माध्यम से उन्हें फोन कराया। फोन पर कथित रूप से कहा गया कि वे शंकराचार्य पर उनकी छोटी बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा दें। बदले में आर्थिक मदद देने का आश्वासन भी दिया गया। रमाशंकर ने कहा कि उन्हें साफ शब्दों में समझाया गया कि अगर वे आरोप लगाएंगे तो उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

परिवार समेत पहुंचे आश्रम

सोमवार शाम रमाशंकर दीक्षित अपने पूरे परिवार के साथ श्री विद्या मठ पहुंचे। वहां उन्होंने शंकराचार्य और मीडिया के सामने कहा कि उनके पिता भी दंडी संन्यासी थे। इसलिए वे किसी संत पर झूठा आरोप लगाने का पाप नहीं कर सकते। उन्होंने पूरी घटना को सादे कागज पर लिखकर हस्ताक्षर किए। इसके बाद वह पत्र शंकराचार्य को सौंप दिया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है।

शंकराचार्य ने कहा – सच सामने आएगा

इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने कहा कि सत्य देर से सही, लेकिन सामने जरूर आता है। उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायिक प्रक्रिया में सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, इस खुलासे के बाद मामले में नई बहस शुरू हो गई है। अब जांच एजेंसियों और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।

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