22 जनवरी को श्रीराम मंदिर में होगा ऐतिहासिक स्वर्ण कोदंड का समर्पण, ओडिशा से उत्तर भारत तक गूंजा जय श्रीराम
पुरी में स्वर्ण कोदंड का भव्य स्वागत
ओडिशा के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ धाम में अयोध्या के श्रीराम मंदिर के लिए समर्पित किए जा रहे दिव्य स्वर्ण कोदंड का भव्य और श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। 286 किलोग्राम वजनी यह विशाल धनुष केवल एक धार्मिक भेंट नहीं है। बल्कि यह सनातन संस्कृति की अखंड परंपरा और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया है। राउरकेला से शुरू हुई इस पावन यात्रा ने ओडिशा के कई जिलों को पार किया। हर स्थान पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठा। भक्ति गीतों और शंखनाद ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बना दिया।
बड़दांड पर हुआ पारंपरिक अभिनंदन
पुरी पहुंचने पर ऐतिहासिक बड़दांड में पारंपरिक विधि-विधान से स्वर्ण कोदंड का स्वागत किया गया। इसके बाद महाप्रभु जगन्नाथ की पवित्र भूमि पर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने इसे सनातन संस्कृति का गौरव बताया। पूजा के पश्चात कोदंड को अयोध्या के लिए रवाना किया गया। इस पल को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।
22 जनवरी को अयोध्या में होगा समर्पण
पुरी स्थित उत्तरपार्श्व मठ में श्रद्धालुओं को इस दिव्य कोदंड के दर्शन का अवसर मिला। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर की परिक्रमा कराई गई। अब यह स्वर्ण कोदंड अयोध्या की ओर अग्रसर है। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम के चरणों में इसका समर्पण किया जाएगा। चरण-स्पर्श के बाद इसे श्रीराम मंदिर के संग्रहालय में सुरक्षित रूप से स्थापित किया जाएगा।
सनातन जागरण मंच की अनूठी पहल
इस दिव्य स्वर्ण कोदंड का निर्माण राउरकेला स्थित सनातन जागरण मंच की प्रेरणादायक पहल से हुआ है। इसके निर्माण में लगभग 1 किलो सोना, 2.5 किलो चांदी और तांबा, जस्ता व लोहे का उपयोग किया गया है। पीतल और तांबे से बने इस धनुष पर स्वर्ण परत चढ़ाई गई है। इसके विशाल आकार को देखते हुए एक विशेष सुसज्जित रथ भी तैयार किया गया है।
तीन राज्यों से गुजरती ऐतिहासिक यात्रा
करीब 1400 किलोमीटर लंबी यह संकल्प यात्रा ओडिशा से झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचेगी। अयोध्या में भव्य शोभायात्रा के बाद इसे श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। श्रद्धालु इसे सनातन आस्था की ऐतिहासिक और प्रेरणास्पद पहल के रूप में देख रहे हैं।
