महाशिवरात्रि पर अंतरराष्ट्रीय कन्या विवाह महोत्सव, 8 देशों के राजदूत हुए शामिल
छतरपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम में 305 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। इस आयोजन ने सामाजिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर नई मिसाल पेश की। कार्यक्रम में देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं।
साधु-संतों का आशीर्वाद, अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
इस महोत्सव में साधु-संतों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। वहीं वृंदावन से आए अनिरुद्धाचार्य महाराज ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने वाले कार्य सदैव प्रेरणादायी होते हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी मंच से आशीर्वचन दिए। उन्होंने संकेत दिया कि अगले वर्ष वे एक विशेष अवसर पर फिर आएंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला सपरिवार कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बेटियों के सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
हर जोड़े को 3 लाख का उपहार

Bageshwar Dham Mass Marriage आयोजन में हर जोड़े को लगभग 3 लाख रुपये का घरेलू सामान भेंट किया गया। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जोड़े को 30 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट भी प्रदान की गई। एक विशेष बात यह रही कि विवाह में एक नेपाली जोड़ा भी शामिल हुआ। इसलिए विवाह में भारतीय और नेपाली दोनों परंपराओं का निर्वहन किया गया। नेपाल से आए 50 बाराती इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
8 देशों के राजदूत भी हुए शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय कन्या विवाह महोत्सव में 8 देशों के राजदूत पहुंचे। इनमें चिली, पेरू, उरुग्वे, एक्वाडोर, पनामा, पैराग्वे, सूरीनाम और एल साल्वाडोर के प्रतिनिधि शामिल थे। सभी मेहमानों का खजुराहो एयरपोर्ट पर पारंपरिक स्वागत किया गया। समारोह के दौरान राजदूत भी उत्सव में शामिल होकर आनंदित नजर आए।
भविष्य की बड़ी योजनाओं का ऐलान
कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने घोषणा की कि भविष्य में 1100 कन्याओं का विवाह कराने का संकल्प लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कैंसर अस्पताल निर्माण कार्य के शीघ्र पूर्ण होने की बात कही। यह आयोजन सामाजिक सहयोग, आध्यात्मिक भावना और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का अद्भुत संगम बना। महाशिवरात्रि पर आयोजित यह विवाह महोत्सव लंबे समय तक याद किया जाएगा।
