चौपाल की हंसी से विदेशों तक: बाजरे के लड्डू ने बदल दी किसान की तकदीर

Barmer farmer Pannaram Chaudhary with Bajra Laddus at Ramsar Organic Producer Limited
बाड़मेर के किसान पन्नाराम चौधरी द्वारा तैयार किए गए पौष्टिक बाजरे के लड्डू।

गांव की चौपाल से शुरू हुई सफलता की कहानी

बाड़मेर जिले के खडीन गांव के किसान पन्नाराम चौधरी ने जब अपनी कंपनी ‘रामसर ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर लिमिटेड’ शुरू की, तब लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। दरअसल, गांव की चौपाल में यह कहा गया कि बाजरे के लड्डू भी कोई बिजनेस होता है। हालांकि, पन्नाराम ने तानों को अनसुना किया। उन्होंने अपने आइडिया पर भरोसा रखा। धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। आज वही बाजरे के लड्डू सफलता की मिसाल बन चुके हैं।

खास रेसिपी और तीन महीने तक सुरक्षित रहने वाला स्वाद

सबसे पहले पन्नाराम ने अपने खेत में उगाए गए बाजरे को साफ-सुथरी प्रोसेसिंग के साथ तैयार करना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने पौष्टिक रेसिपी तैयार की। लड्डू बनाने में काजू, बादाम, देसी घी, इलायची, गुड़, काली मिर्च और गुलाब के फूल मिलाए जाते हैं। खास तकनीक और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाता है। यही कारण है कि ये लड्डू तीन महीने तक खराब नहीं होते। बेहतर पैकेजिंग ने भी उत्पाद को अलग पहचान दी।

902 महिलाओं को मिला रोजगार, बढ़ी मांग

शुरुआत में बिक्री स्थानीय बाजार से हुई। फिर गांव और आसपास के इलाकों में इनकी मांग बढ़ी। इसके बाद दूसरे शहरों से ऑर्डर आने लगे। अब चेन्नई, जयपुर और दिल्ली जैसे शहरों में भी सप्लाई हो रही है। इतना ही नहीं, विदेशों तक भी बाजरे के लड्डू पहुंच चुके हैं। वर्तमान में 902 महिलाएं इस कंपनी से जुड़ी हुई हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी की सराहना

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इन लड्डुओं का जिक्र किया। इसके बाद मांग में और तेजी आई। अब यह लड्डू 600 से 800 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। साथ ही, शादियों में भी इसे मिठाई के रूप में अपनाया जा रहा है। इस तरह, बाजरे का यह अनोखा प्रयोग अब रेगिस्तान की नई पहचान बन चुका है।

Read More :- बांग्लादेश चुनाव 2026: बीएनपी की प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने दी बधाई