पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर हड़ताल, मध्यप्रदेश की 7,000 बैंक शाखाओं में नहीं हुआ काम
मध्यप्रदेश में मंगलवार को बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बड़ा असर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर की गई इस हड़ताल के चलते प्रदेश भर की करीब 7,000 बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इसका सीधा असर आम जनता और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा और एक ही दिन में 3,447 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ।
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मुख्य मांग
यह हड़ताल बैंकों में 5-Day Work Week को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर की गई थी। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि जब केंद्र और राज्य सरकार के अधिकतर कार्यालय, निजी और शासकीय संस्थान शनिवार-रविवार बंद रहते हैं, तो बैंकिंग सेक्टर में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
कितनी शाखाएं और कर्मचारी रहे हड़ताल पर
मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (MPBEA) के चेयरमैन मोहनकृष्ण शुक्ला ने बताया कि प्रदेश की कुल 8,217 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं के करीब 16,000 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। इसमें 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) और सहकारी बैंकों के कर्मचारी भी शामिल थे।
आम जनता को हुई भारी परेशानी
हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। नकदी जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, सावधि जमा (FD) का नवीनीकरण, सरकारी खजाने से जुड़े लेन-देन, प्रशासनिक भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाएं ठप रहीं। इससे व्यापारियों, किसानों और आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लगातार तीन दिन बंद रहीं बैंक सेवाएं
गौरतलब है कि 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण बैंक पहले ही बंद थे। इसके बाद मंगलवार की हड़ताल के चलते लगातार तीन दिनों तक बैंक शाखा स्तर की सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा।
सरकार पर दबाव बढ़ा
बैंक यूनियनों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जा सकता है। हड़ताल के बाद अब केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर दबाव बढ़ गया है।
