200 घरों पर ‘मकान बिकाऊ’ लिखने से बढ़ी हलचल, पुलिस ने कहा स्थिति नियंत्रण में
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में सामूहिक नमाज को लेकर विवाद गहराता नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, एक घर में अस्थायी रूप से नमाज अदा की गई। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ गया।
200 परिवारों ने जताई नाराज़गी
Bareilly Mohammadganj Namaz Dispute के बीच करीब 200 हिंदू परिवारों ने विरोध जताया। कई घरों के बाहर चॉक से ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले 16 जनवरी को भी ऐसा ही मामला सामने आया था। उस समय पुलिस ने हस्तक्षेप कर कुछ लोगों का चालान किया था। ग्रामीणों का कहना है कि हर जुमे को बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं। वहीं मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि गांव में मस्जिद नहीं है। इसलिए निजी घर में इबादत करना उनका अधिकार है।
गाली-गलौज और फायरिंग के आरोप
हिंदू समुदाय की महिलाओं ने आरोप लगाया कि नमाज के बाद गाली-गलौज की घटनाएं हुईं। साथ ही गंदा पानी फेंकने और डराने-धमकाने की बात भी कही गई। कुछ लोगों ने फायरिंग का आरोप भी लगाया। हालांकि मुस्लिम पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया है। गांव में लगभग 1200 मतदाता हैं। इनमें 65 प्रतिशत हिंदू और 35 प्रतिशत मुस्लिम आबादी बताई जा रही है। अचानक बढ़े तनाव ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। विशारतगंज थाना प्रभारी ने कहा कि बिना अनुमति सामूहिक नमाज की सूचना पर संबंधित लोगों को हिदायत दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि जांच के लिए सीओ और एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पलायन जैसी कोई स्थिति नहीं है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
विश्वास की कमी बना बड़ा कारण
मोहम्मदगंज में बढ़ा यह विवाद दोनों समुदायों के बीच भरोसे की कमी को दर्शाता है। एक ओर लोग असुरक्षा की बात कर रहे हैं। दूसरी ओर धार्मिक अधिकार का सवाल उठाया जा रहा है। प्रशासन की चुनौती अब शांति और आपसी संवाद बहाल करना है। फिलहाल गांव की स्थिति पुलिस निगरानी में सामान्य बताई जा रही है।
