अब तक 55 से ज्यादा टैंकर भरे जा चुके हैं।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक खेत से अचानक क्रूड ऑयल निकलने का मामला सामने आया है। पिछले चार दिनों से लगातार तेल बह रहा है। अब तक 55 से ज्यादा टैंकर भरे जा चुके हैं। यह घटना कवास गांव की है। यहां किसान हरजीराम खोथ के खेत में 23 फरवरी दोपहर करीब 12 बजे जमीन से तेल निकलना शुरू हुआ। देखते ही देखते खेत का एक हिस्सा काला पड़ गया।
वेलपैड के पास मिला रिसाव
जहां से तेल निकल रहा है, वहां से करीब 40 मीटर दूरी पर ऐश्वर्या वेलपैड स्थित है। यह तेल कुआं Cairn Oil & Gas से जुड़ा बताया जा रहा है। अधिकारियों को पाइपलाइन लीकेज का शक है। हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर लीकेज से इनकार किया है। मौके पर कंपनी के इंजीनियर और तकनीकी टीम मौजूद हैं। मशीनों से करीब 100 मीटर लंबी खाई खोदी गई है। तेल को बहाकर एक गड्ढे में जमा किया जा रहा है। फिर टैंकरों में भरकर अन्य स्थान पर भेजा जा रहा है।
ब्लास्ट से घरों और स्कूल में दरारें
ग्रामीणों का आरोप है कि 24 फरवरी की रात तेज ब्लास्ट हुआ था। अचानक जमीन कांपी। लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो। डर के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणों का कहना है कि इस धमाके के बाद घरों और स्कूल में दरारें आ गईं। उनका आरोप है कि तेल उत्पादन के लिए ब्लास्टिंग की जाती है।
किसानों की फसल बर्बाद
किसान हरजीराम खोथ का कहना है कि करीब एक बीघा जमीन प्रभावित हुई है। फसल खराब हो गई। मिट्टी तैलीय हो गई है। इससे खेती पर लंबा असर पड़ सकता है। इधर, बायतु विधायक Harish Choudhary ने विधानसभा में मामला उठाया। वहीं बाड़मेर विधायक Priyanka Choudhary ने भी जांच की मांग की। विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि कई देशों में ऐसे ब्लास्ट पर रोक है। उन्होंने सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। हालांकि, कंपनी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पिछले सात दिनों में तेल-गैस से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं हुई। उन्होंने पाइपलाइन लीकेज से भी इनकार किया। अब प्रशासन और कंपनी जांच में जुटी है। ग्रामीणों की मांग है कि नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।
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