सखियों के लट्ठ, ढोल-नगाड़ों की धुन और 2000 किलो ठंडाई का इंतजाम
पुलिसवालों पर भी बरसे लट्ठ
होली की शुरुआत से पहले सखियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ प्रतीकात्मक लट्ठमार की।
इसके बाद माहौल और रंगीन हो गया। नंदगांव से आए हुरियारों का पीली पोखर पर स्वागत किया गया। यहां से वे ध्वजा लेकर श्रीजी मंदिर पहुंचे। श्रीजी के चरण स्पर्श के बाद रंगीली गली में असली लट्ठमार होली शुरू हुई।
2000 किलो ठंडाई, लाखों श्रद्धालु
प्रशासन के अनुसार लगभग 20 लाख श्रद्धालु बरसाना पहुंचे हैं। इनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं के लिए 2000 किलो ठंडाई तैयार की गई है। पीने के पानी और शौचालय की भी खास व्यवस्था की गई है।
4500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
सुरक्षा के लिए 4500 से अधिक पुलिसकर्मी, PAC और एंटी रोमियो टीम तैनात की गई है।
चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि व्यवस्थाएं पहले से मजबूत की गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तैयारियों की समीक्षा की थी।
क्यों खास है लट्ठमार होली?
बरसाना राधा रानी का जन्मस्थान माना जाता है। परंपरा के अनुसार नंदगांव के हुरियारे यहां होली खेलने आते हैं। करीब 8 किलोमीटर की दूरी तय कर वे रंगीली गलियों में पहुंचते हैं। दोनों ओर खड़ी हुरियारिनें लाठियां बरसाती हैं। हुरियारे ढाल से बचाव करते हैं। यह परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। इसी अनोखे अंदाज के कारण यह होली विश्व प्रसिद्ध है।
पहले खेली गई लड्डूमार होली
एक दिन पहले राधारानी मंदिर में लड्डूमार होली खेली गई थी। मंदिर की छत से लड्डू लुटाए गए।
करीब 5 लाख श्रद्धालु उसमें शामिल हुए थे अब रंग और उल्लास के बीच बरसाना में लट्ठमार होली पूरे शबाब पर है।
श्रद्धालु राधा रानी का आशीर्वाद लेकर रंगों में सराबोर हो रहे हैं।
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