गंगापुर सिटी में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम बोले- हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन रोजगार, ST कामगारों को 25 दिन अतिरिक्त; साप्ताहिक भुगतान का भी प्रावधान
गंगापुर सिटी। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस को विकसित भारत और भगवान राम के नाम से इतनी आपत्ति क्यों है। यह बयान उन्होंने VB-G RAM G Bill को लेकर प्रेस वार्ता में दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीबों के लिए लाया गया है। साथ ही इसका उद्देश्य रोजगार और सम्मान दोनों देना है। बेढम ने कहा कि सरकार विकसित भारत 2047 के विजन के तहत ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा बिल महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है। इसके अलावा उन्होंने इसे “राम राज्य की स्थापना” से जोड़कर बताया।
रोजगार के दिन बढ़ेंगे, भुगतान जल्दी मिलेगा
बेढम ने कहा कि नई योजना में काम के दिन बढ़ेंगे। वहीं मजदूरी का भुगतान भी जल्दी होगा। उन्होंने दावा किया कि अब हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। इसके अलावा वन क्षेत्र में काम करने वाले एसटी कामगारों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। इसलिए इस कानून से जनजातीय क्षेत्र को विशेष लाभ मिल सकता है। उन्होंने मनरेगा के खर्च का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मनरेगा में अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। वहीं मोदी सरकार के कार्यकाल में 8.53 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसलिए उन्होंने कहा कि मनरेगा पर सबसे ज्यादा खर्च मौजूदा सरकार ने किया है।
ग्रामीण भारत बदल गया, इसलिए मॉडल बदला
बेढम ने कहा कि 2005 में मनरेगा शुरू हुई थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण गरीबी 2011-12 में 25.7% थी। अब यह 2023-24 में घटकर 4.86% रह गई है। इसके साथ ही कनेक्टिविटी और आजीविका में भी बदलाव आया है। इसलिए उन्होंने पुराने मॉडल को आज की जरूरतों से अलग बताया।
चार प्राथमिकताओं पर आधारित नया फोकस
बेढम ने कहा कि नए कानून का फोकस चार चीजों पर है। पहली जल संबंधी कार्य। दूसरी ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण। तीसरी आजीविका से जुड़े संसाधन। और चौथी खराब मौसम से होने वाली काम की कमी को कम करना। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा से खेती मजबूत होगी। वहीं सड़क और कनेक्टिविटी से बाजार तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा भंडारण जैसी सुविधाएं ग्रामीण आय बढ़ाएंगी।
60 दिन काम बंद, ताकि खेती प्रभावित न हो
बेढम ने कहा कि बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद रखा जाएगा। इसका उद्देश्य खेतों में मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में ऐसा प्रावधान नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि नए बिल में मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह किया जा सकता है। जबकि मनरेगा में भुगतान 15 दिन में होता था। इसलिए उन्होंने इसे एक बड़ा बदलाव बताया।
नामकरण पर कांग्रेस को घेरा
बेढम ने कांग्रेस पर योजनाओं के नाम बदलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई योजनाओं के नाम नेताओं के नाम पर किए। फिर उन्होंने इसे परिवारवाद से जोड़ा। वहीं उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार में “नाम नहीं, काम बोलता है।”
