उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने पर मुख्यमंत्री का जोर

Chief Minister Bhajanlal Sharma addressing higher education summit in Jaipur
जयपुर में उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने पर बोलते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

नवाचार, तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम से युवाओं का होगा समग्र विकास

जयपुर में 16 फरवरी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नवाचार और तकनीक का समावेश जरूरी है। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को भी समान महत्व मिलना चाहिए।

अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम-2026 का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम-2026 का उद्घाटन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिसमें वेदों का ज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दोनों शामिल हों। उन्होंने परंपरा और आधुनिकता के संतुलन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय और निजी संस्थान मिलकर कार्य करें। इससे धरातल पर वास्तविक बदलाव संभव होगा।

विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह हमारी सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को सही शिक्षा और कौशल देकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा 1.54 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसी वर्ष 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है।

डिजिटल ढांचा और रोजगार सृजन

Bhajanlal Sharma Higher Education पहल के तहत प्रदेश में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। 2 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। वहीं साढ़े 3 लाख छात्रों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। 2 लाख से अधिक युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर भी मिला है। मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं की पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में 351 परीक्षाएं हुईं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

शिक्षा में नई उपलब्धियां

प्रदेश में 65 आई स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट शुरू किए गए हैं। 71 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित हुए हैं। 185 महाविद्यालय भवनों का लोकार्पण किया गया है। साथ ही करीब 40 हजार छात्राओं को स्कूटियां वितरित की गई हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित कई शिक्षाविद मौजूद रहे। सभी ने संस्थागत सहयोग और नेतृत्व विकास पर जोर दिया। यह समागम उच्च शिक्षा में सुधार और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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