केंद्र की भव्य योजना को मंजूरी, 100 इंडस्ट्रियल पार्क बनेंगे; यूपी में 4-लेन हाईवे भी स्वीकृत

BHAVYA industrial parks scheme India
केंद्र सरकार की 100 इंडस्ट्रियल पार्क योजना

नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए ‘BHAVYA’ यानी भारत औद्योगिक विकास योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर करीब 33,660 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।

इंडस्ट्रियल पार्क में मिलेंगी सभी सुविधाएं

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन पार्कों में उद्योगों के लिए जमीन, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

यूपी में 4-लेन हाईवे को मंजूरी

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 6,969.04 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

स्मॉल हाइड्रो पावर स्कीम को भी हरी झंडी

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, सरकार ने 2,585 करोड़ रुपए की स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 1,500 मेगावाट क्षमता की छोटी जल विद्युत परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
यह परियोजनाएं “रन-ऑफ-द-रिवर” मॉडल पर आधारित होंगी, जिससे बड़े बांधों की जरूरत नहीं पड़ेगी और विस्थापन से बचाव होगा।

21,000 मेगावाट की संभावनाएं

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, सरकार के अनुसार देश में 7,133 स्थानों पर छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की संभावना है, जिनकी कुल क्षमता लगभग 21,000 मेगावाट है। फिलहाल 1,196 स्थानों पर 5,100 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। इस योजना से करीब 15,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।

कपास किसानों को बड़ी राहत

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में देखें तो, कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को 1,718.56 करोड़ रुपए की फंडिंग मंजूर की गई है। यह फैसला आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिया। इससे किसानों को MSP पर उनकी पूरी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

60 लाख किसानों को मिलेगा फायदा

इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में समझें तो, कपास देश की प्रमुख नकदी फसल है, जिससे करीब 60 लाख किसान जुड़े हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल और व्यापार क्षेत्र में 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका इस पर निर्भर है।

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