47% टूट चुका है बिटकॉइन, निवेशकों में घबराहट
साल 2025 में नई ऊंचाई छूने वाला बिटकॉइन अब तेज गिरावट का सामना कर रहा है। अक्टूबर 2025 में इसने 1,25,000 डॉलर का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब कीमत 65,000 डॉलर के नीचे पहुंच गई है। सोमवार को इसमें 5% की गिरावट दर्ज हुई। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी दिखी। फिर भी यह 3.42% टूटकर 65,684 डॉलर पर कारोबार करता नजर आया। इस साल अब तक बिटकॉइन 26% गिर चुका है। अपने ऑल टाइम हाई से यह 47% नीचे आ चुका है। ऐसे में निवेशकों के मन में बड़ा सवाल उठ रहा है। क्या यह सिर्फ करेक्शन है? या फिर गेम ओवर की शुरुआत?
टैरिफ और युद्ध की आशंका से बढ़ा दबाव
इस गिरावट के पीछे बड़ा कारण अमेरिकी नीति बदलाव माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वैश्विक टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया। इस घोषणा के बाद क्रिप्टो बाजार में बिकवाली बढ़ गई। निवेशक जोखिम से दूरी बनाने लगे। इसके अलावा मध्य पूर्व में तनाव भी बढ़ा है।ईरान को लेकर अमेरिका के कड़े रुख ने बाजार को अस्थिर कर दिया है। युद्ध की आशंका बढ़ते ही निवेशक सुरक्षित विकल्प खोजने लगते हैं। बिटकॉइन को अभी भी ‘रिस्की एसेट’ माना जाता है। यही वजह है कि संकट में यह सबसे पहले दबाव में आता है।
क्या और गिरेगा बिटकॉइन?
सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कई विश्लेषक इसे बेयर मार्केट बता रहे हैं। 10x रिसर्च के मार्कस थिएलन ने कहा है कि कीमत 50,000 डॉलर तक जा सकती है। लिक्विडिटी घट रही है। निवेशक भरोसा खो रहे हैं। बीटीएसई के सीओओ जेफ मेई का कहना है कि अचानक टैरिफ बढ़ोतरी ने डर बढ़ा दिया है।
‘डिजिटल गोल्ड’ की चमक फीकी?
पिछले कुछ सालों में बिटकॉइन को ‘डिजिटल गोल्ड’ कहा गया। दावा किया गया कि संकट में यह सोने जैसा सुरक्षित रहेगा। लेकिन हकीकत अलग दिख रही है। बिटकॉइन गिर रहा है। वहीं सोने की कीमत मजबूत बनी हुई है। निवेशक संकट के समय पारंपरिक सोने को तरजीह दे रहे हैं। इससे साफ है कि भरोसे की परीक्षा अभी जारी है।
