जनगणना 2027 में होगी जाति जनगणना, गृह मंत्रालय ने भ्रम पर तोड़ी चुप्पी

Home Ministry clarifies caste census in Census 2027
जाति जनगणना को लेकर गृह मंत्रालय का बड़ा बयान

MHA बोला– दूसरे चरण में शामिल होगी जाति गणना, विपक्ष के आरोपों पर सरकार का जवाब

गृह मंत्रालय का बड़ा बयान

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को साफ कर दिया कि जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति जनगणना कराई जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं। सरकार पहले ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर चुकी है।

फरवरी 2027 से शुरू होगी जनगणना

मंत्रालय के अनुसार, देशभर में जनगणना की प्रक्रिया फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। दूसरे चरण में जाति आधारित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। मंत्रालय ने बताया कि इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी 12 दिसंबर 2025 को जारी प्रेस नोट में दी जा चुकी है।

भ्रम फैलाने के आरोप

गृह मंत्रालय ने कहा कि इसके बावजूद कुछ राजनीतिक नेता और संगठन जाति जनगणना को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। खासतौर पर यह कहा जा रहा है कि जनगणना में जाति से जुड़ा कोई कॉलम नहीं है, जो तथ्यात्मक रूप से भ्रामक है।

अखिलेश यादव का दावा

दरअसल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय को धोखा दिया जा रहा है। अखिलेश यादव ने जाति जनगणना को बीजेपी का “जुमला” बताया था।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हाउस लिस्टिंग शेड्यूल में केवल यह पूछा गया है कि परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य श्रेणी से है या नहीं। उन्होंने मांग की कि OBC और सामान्य वर्ग को लेकर भी स्पष्ट सवाल होने चाहिए।

सरकार का जवाब

सरकार का कहना है कि जाति जनगणना को मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी यह स्पष्ट किया था कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।

विशेष क्षेत्रों में पहले होगी प्रक्रिया

मंत्रालय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले व गैर-समकालिक क्षेत्रों में सितंबर 2026 तक जनगणना पूरी कर ली जाएगी।

ऐतिहासिक कदम

आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब देश में आधिकारिक तौर पर जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे सामाजिक और आर्थिक नीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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