कांग्रेस कार्यालय में अहम बैठक, केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, जयपुर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की एक अहम और रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने की। इसमें प्रदेश भर से आए जिला अध्यक्षों ने भाग लेकर संगठन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया।
मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष
बैठक में अल्पसंख्यक विभाग राजसमंद के जिलाध्यक्ष अब्दुल सत्तार शाह ने बताया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस ने इसे गरीब, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। तय किया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता ढाणी-ढाणी और गांव-गांव जाकर जनता को इस सच्चाई से अवगत कराएंगे और आंदोलन को जनआंदोलन का रूप देंगे।
SIR कानून पर कांग्रेस का सख्त रुख
बैठक में SIR कानून को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि इस कानून के तहत प्रशासनिक दबाव और अधिकारियों की मनमानी से पात्र लोगों के नाम सरकारी सूचियों से हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने निर्णय लिया कि जरूरतमंद लोगों को कानूनी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी हकदार वंचित न रहे।
संगठन विस्तार और प्रशिक्षण पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने संगठन को मजबूत करने के लिए सभी जिला अध्यक्षों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। जल्द ही जिला, ब्लॉक और नगर कार्यकारिणियों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों पर अल्पसंख्यक विभाग के स्थायी कार्यालय खोलने और जिला अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने पर सहमति बनी।
इमरान प्रतापगढ़ी के राजस्थान दौरे की तैयारी
बैठक में अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के प्रस्तावित राजस्थान दौरे को लेकर भी चर्चा हुई। जिला अध्यक्षों ने जमीनी हालात साझा करते हुए आगामी आंदोलनों को धार देने के लिए सुझाव दिए।
राजनीतिक संकेत
यह बैठक साफ संकेत देती है कि कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग आने वाले समय में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने जा रहा है।
