निवर्तमान सभापति ने 2 करोड़ की मानहानि का दावा किया

गंगापुर सिटी में मानहानि मामले को लेकर भेजा गया विधिक नोटिस
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो करोड़ की मानहानि का दावा

सोशल मीडिया पोस्ट को बताया तथ्यहीन, 15 दिन में माफी और हर्जाने की मांग

गंगापुर सिटी के निवर्तमान सभापति शिवरतन अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को लेकर दो करोड़ रुपए की मानहानि का दावा किया है। इस मामले में उनके अधिवक्ता के माध्यम से चूलीगेट निवासी नीरज शर्मा को विधिक नोटिस भेजा गया है। नोटिस न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता कार्यालय से जारी किया गया। बताया गया है कि 23 दिसंबर 2024 को फेसबुक आईडी के जरिए पूर्व सभापति के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट डाली गई थी। पोस्ट में भ्रष्टाचार, भूमाफिया गतिविधियों और सरकारी भूमि से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे।

पोस्ट को बताया तथ्यहीन और आधारहीन

नोटिस में कहा गया है कि लगाए गए आरोपों का कोई दस्तावेजी आधार नहीं है। इसलिए इन्हें तथ्यहीन और मानहानिकारक बताया गया है। शिवरतन अग्रवाल की सामाजिक और सार्वजनिक छवि को इससे नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। इसके अलावा यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री से उनकी व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। साथ ही मानसिक आघात पहुंचने का दावा भी किया गया है।

15 दिन में माफी और हर्जाने की मांग

अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए नोटिस में 15 दिन की समय सीमा तय की गई है। इस अवधि में संबंधित व्यक्ति को सभी कथित मानहानिकारक पोस्ट हटाने को कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त दो करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि अदा करने की मांग भी की गई है। यदि आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज हों तो उन्हें प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर सक्षम न्यायालय में विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। मामले को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दंडनीय बताया गया है। इस घटनाक्रम के बाद शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

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